Yemen News: यमीनी सेना ने ताएज में हूती मिलिशिया के कमांड सेंटर पर किया बड़ा हमला, कई ठिकानों को बनाया निशाना

यमीनी सशस्त्र बलों ने 18 अगस्त 2026 को ताएज के दक्षिण-पूर्व में अल-सैलू मोर्चे पर हूती मिलिशिया के एक कमांड सेंटर पर बड़ा और सटीक हमला किया। आधिकारिक सैन्य संचार माध्यमों से इस ऑपरेशन की पुष्टि की गई है, जो इस क्षेत्र में हाल ही में तेज हुई सैन्य गतिविधियों के बीच सामने आया है। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार हिंसक झड़पें देखने को मिल रही हैं।
सैन्य अभियानों में आई तेजी और अधिकारियों की बैठक
ताएज सेक्टर में हालिया सैन्य विकास उस समय हुआ जब चौथे सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल हमदी शुक्री वहां पहुंचे। उन्होंने स्थानीय अक्ष के नेतृत्व से मुलाकात की और चल रहे सैन्य अभियानों की रूपरेखा पर चर्चा की। यमीनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नाजिली ने मीडिया को बताया कि सरकारी बलों ने 18 अगस्त 2026 को समाप्त हुए 24 घंटों के भीतर हूती ठिकानों के खिलाफ 133 सैन्य अभियान चलाए। इन हमलों में ड्रोन विमानन, रॉकेट आर्टिलरी और फील्ड आर्टिलरी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया, जिससे विद्रोहियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
एक दिन पहले चलाए गए थे 181 अभियान
इससे पहले 16 अगस्त 2026 को कर्नल अल-नाजिली ने पुष्टि की थी कि सरकारी बलों ने एक ही दिन में 181 अभियान पूरे किए थे। इन ताबड़तोड़ हमलों के परिणामस्वरूप हूती विद्रोहियों को भारी जनहानि उठानी पड़ी और उनके कई हथियार गोदामों तथा अन्य सैन्य उपकरणों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई विभिन्न मोर्चों पर एक साथ की जा रही है ताकि विद्रोही ताकतों की कमर तोड़ी जा सके और आम जनता को राहत पहुंचाई जा सके।
कई अन्य ठिकानों को भी बनाया गया निशाना
अल-सैलू कमांड सेंटर पर हुए विशिष्ट हमले के अलावा, यमीनी सशस्त्र बलों ने ताएज के दक्षिण-पूर्व में स्थित कई अन्य ठिकानों पर भी हूती जमावड़ों को निशाना बनाया। इनमें नाकिल अल-सैलू, अल-रफसा गांव, अल-फकीद स्कूल और दार अल-हरिबी जैसे इलाके शामिल हैं। सैन्य गतिविधियों का दायरा केवल ताएज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब मारिब, अल-जौफ, हद्रमौत, होदेइदाह, अल-धाले और लाहज सहित कई अन्य मोर्चों पर भी तेजी से बढ़ रहा है।
नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा
ये तमाम सैन्य कार्रवाई मक़बनाह जिले के रिहायशी इलाकों पर लगातार हो रही हूती गोलीबारी और मोखा शहर की तरफ दागी गई मिसाइल तथा ड्रोन हमलों के जवाब में की जा रही हैं। यमीनी सरकार के बलों का कहना है कि वे नागरिकों और देश के महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थानों पर बार-बार होने वाले इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आम जनता इन संघर्षों के बीच शांति की उम्मीद लगाए बैठी है, जबकि सेना देश की सुरक्षा बहाल करने के लिए लगातार अपने कदम आगे बढ़ा रही है।