Yemen Conflict: शबवा में हूती विद्रोहियों और यमनी बलों के बीच भीषण झड़प, 10-12 अगस्त के बीच कई जवानों की मौत

यमन के शबवा गवर्नरट के पश्चिमी मोर्चों पर Yemeni forces और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण झड़पें लगातार जारी हैं। 10 से 12 अगस्त 2026 के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और कई इलाकों में गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं। इस संघर्ष के कारण आम नागरिकों और सरकारी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से गहरी हो गई हैं, जिससे इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
शबवा और बायहान में हिंसक झड़पें
यमन के दक्षिणी शबवा गवर्नरट में 10 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने सरकारी ठिकानों पर गोलाबारी और ड्रोन हमलों से अचानक धावा बोल दिया था। इन हमलों की चपेट में आने से प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल यानी PLC से जुड़ी शबवा डिफेंस फोर्स के कम से कम दो सैनिक मारे गए और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके तुरंत बाद, शबवा डिफेंस फोर्स ने जवाबी कार्रवाई शुरू करते हुए 'सुहुम शबवा' ऑपरेशन चलाया, जिसमें भारी तोपखाने और ड्रोन हमलों का इस्तेमाल किया गया ताकि विद्रोहियों को पीछे धकेला जा सके।
इसके अलावा, 'सदरन जायंट्स' फोर्सेज की विशेष इकाई 'जायंट्स फाल्कन्स' ने भी बायहान फ्रंट पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने हूती विद्रोहियों के सैन्य वाहनों और बैरकों को निशाना बनाया, जिससे उन्हें भारी जनशक्ति और हथियारों का नुकसान उठाना पड़ा। सरकारी सेनाओं के इन कड़े कदमों से हूती विद्रोहियों को अपनी स्थिति बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
सैन्य और ड्रोन कार्रवाई में तेजी
यमन के सशस्त्र बलों ने 11 अगस्त को अपनी जवाबी कार्रवाई को और ज्यादा आक्रामक कर दिया। सेना ने मारिब और अल-जावफ जैसे इलाकों में हूती ठिकानों और जमावड़ों पर अपने ड्रोन और एयर फोर्स के जरिए ताबड़तोड़ हमले किए। PLC बलों ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इन शुरुआती हमलों में उनके चार सैनिक और तीन नागरिक मारे गए, जबकि लगभग 30 लोग घायल हो गए। हालांकि, सरकारी एयर डिफेंस सिस्टम ने सतर्कता दिखाते हुए हूती गुट के 11 ड्रोन सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराए।
दूसरी ओर, हूती पक्ष के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया था कि उन्होंने मारिब, अल-जावफ और मोखा में सैन्य ठिकानों और हथियारों के गोदामों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। हूती गुट ने इन हमलों को एहतियाती और पहले से की गई कार्रवाई बताया। इस बीच, यमन की राजनीतिक लीडरशिप ने भी सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है।
नेतृत्व की कड़ी प्रतिक्रिया
यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन Rashad al-Alimi ने 9 अगस्त को एक बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार अब हूती विद्रोहियों को युद्ध और शांति से जुड़े फैसलों पर अकेले अधिकार नहीं जमाने देगी। इसके बाद, 12 अगस्त को उन्होंने संबंधित अधिकारियों से हूती गुट द्वारा किए गए अपराधों और हमलों के कानूनी दस्तावेज तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया ताकि भविष्य में पुख्ता कार्रवाई की जा सके। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ANI News के माध्यम से देख सकते हैं।