यमन की सरकार ने 17 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर अपनी सेना को किसी भी तरह के हूती हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है। यह फैसला हूती गुट द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों और हालिया उकसावे की घटनाओं के बाद लिया गया है। यमन की सरकार ने साफ कर दिया है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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बिना इजाजत नहीं उतर सकेंगे विमान

प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) के चेयरमैन Rashad Al-Alimi ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यमन के किसी भी हवाई अड्डे पर सरकार की अनुमति के बिना किसी विदेशी विमान को उतरने की इजाजत नहीं होगी। यह निर्देश तब आया है जब Sana’a हवाई अड्डे पर सरकार की मंजूरी के बिना एक ईरानी विमान उतारने की कोशिश की गई थी।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा

हूती नेता Abdul Malik al-Houthi ने सऊदी अरब के तेल और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है। उन्होंने इसे रियाद के साथ एक तरह का समीकरण बताया है। इसके अलावा 17 जुलाई को अदन की खाड़ी में एक केमिकल टैंकर के जब्त होने की खबर भी सामने आई है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है। अदन में हुई कैबिनेट की बैठक में रक्षा मंत्री Lt. Gen. Dr. Taher Al-Aqili और अन्य अधिकारियों ने सैन्य और सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.