Yemen Attack: लाल सागर में बड़ा हमला, बाब अल-मैसेब जलडमरूमध्य में जहाज पर मिसाइल स्ट्राइक से 6 लोगों की मौत.

यमन के ताइज़ प्रांत और लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा हालात एक बार फिर बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं। सरकारी फौजों और हूती विद्रोहियों के बीच हुई भारी गोलीबारी और हमलों में कई लोगों की जान चली गई है। इस खतरनाक हिंसा के बाद पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और आम लोगों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।
तािज़ और लाल सागर में भीषण हमले
यमन की सरकारी सेना ने 12 अगस्त 2026 को हूती ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले और तोप से गोले दागे। यह कार्रवाई ताइज़ शहर के उत्तर-पश्चिम हिस्से के साथ-साथ हमीर और अल अक्रुद के मोर्चों पर की गई। सरकारी सेना ने यह कदम हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के जवाब में उठाया, जिसमें मोचा शहर और मारिब प्रांत को निशाना बनाया गया था। साल 2022 में हुए संघर्ष विराम के बाद से इलाके में जो शांति थी, वह अब इन हमलों की वजह से खतरे में पड़ गई है।
जहाज पर मिसाइल हमला और मौतों का आंकड़ा
उसी दिन यानी 12 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने अपनी जिद दिखाते हुए बाब अल-मैसेब जलडमरूमध्य में एक जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर दिया। इस कायराना हमले में कुल 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 4 क्रू मेंबर और सरकारी सहयोग करने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के 2 जवान शामिल थे। हूती गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के सैन्य उपकरण ले जाने वाले जहाज को निशाना बनाया था। इसके साथ ही मोचा और मारिब में भी सटीक हमले करने का दावा किया गया।
पाकिस्तान के नागरिकों की भी गई जान
इस बड़े हमले में दूसरे देशों के नागरिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है। पाकिस्तान सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है क्योंकि इस हमले में उनके 3 नागरिकों की भी मौत हुई है। क्षेत्रीय सुरक्षा और हालात पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री इस समय ईरान के दौरे पर हैं। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 7 अगस्त 2026 को गंभीर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से शांति प्रयासों को कमजोर न करने की अपील की है। आप इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ReliefWeb Updates पर देख सकते हैं।