यमन में बड़ा सैन्य अभियान, 33 से ज्यादा हाउथी मिलिटेंट ढेर और कई कमांडर भी मारे गए.

यमन के दक्षिणी हिस्से में सुरक्षा बलों ने एक बहुत बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। इस कार्रवाई में 33 से ज्यादा हाउथी मिलिटेंट्स के मारे जाने की आधिकारिक खबर सामने आई है। इस ऑपरेशन में कई बड़े फील्ड कमांडर भी मारे गए हैं, जिससे हाउथी गुट को बहुत बड़ा झटका लगा है। यह पूरी जानकारी यमनी जाइंट्स ब्रिगेड्स की तरफ से मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को दी गई है। इस खबर को सबसे पहले SaudiNews50 ने शेयर किया था, जिसके बाद नेशनल रेजिस्टेंस ब्रिगेड्स से जुड़े सैन्य मीडिया ने भी इसकी पुष्टि की है।
ऑपरेशन में किन हथियारों का हुआ इस्तेमाल
इस खतरनाक सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुरक्षा बलों ने तोपखाने यानी आर्टिलरी स्ट्राइक और मानवरहित हवाई वाहनों यानी ड्रोन का एक साथ इस्तेमाल किया। नेशनल रेजिस्टेंस ब्रिगेड्स के मुताबिक, इस टारगेटेड ऑपरेशन का मुख्य निशाना कमांड और कंट्रोल सेंटर के साथ-साथ सशस्त्र भीड़भाड़ वाले इलाके थे। सुरक्षा बलों ने खास तौर पर हाउथी संगठन की 'दसवीं ब्रिगेड (कुद्स)' को अपने निशाने पर लिया। यह ब्रिगेड एक स्थानीय कमांडर जिसका नाम अबू अल-इज रिमा है, उसकी अगुवाई में काम करती थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि इस लड़ाई में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई और 19 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मारे जाने वालों में टारगेटेड ब्रिगेड के पर्सनल अफेयर्स ऑफिशियल और कल्चरल ऑफिशियल भी शामिल हैं।
होदेइदाह में तनाव और आम लोगों पर असर
होदेइदाह गवर्नरट में पिछले कुछ दिनों से लगातार हिंसक झड़पें बढ़ रही हैं। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले यानी 24 अगस्त 2026 को इस इलाके में हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए थे। हाउथी ताकतों की तरफ से रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे पर लगातार तोप के गोले, मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे थे। इस भयानक गोलाबारी की वजह से करीब 150 परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। आम लोगों के लिए यह दौर काफी मुश्किल भरा साबित हो रहा है क्योंकि लगातार हमलों की वजह से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।