Yemen की सरकार ने हुथी विद्रोहियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार का कहना है कि जब भी देश में शांति की बात होती है और राजनीतिक समाधान करीब आता है, हुथी लोग उसे बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। इस वजह से पूरे इलाके की स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है।
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सरकार ने बताया कि Saudi-led coalition और Oman ने हमेशा शांति की कोशिशों, युद्धविराम और UN के रोडमैप का पूरा समर्थन किया। लेकिन हुथी समूह ने जानबूझकर इन सभी प्रक्रियाओं को रोकने का काम किया है।
सरकार के मुताबिक, युद्धविराम के दौरान Sana’a Airport और Hodeidah Port को खुला रखा गया था, लेकिन इसके बावजूद हुथियों ने तेल निर्यात को निशाना बनाया जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ। साथ ही उन्होंने Yemeni Airlines के विमानों पर कब्जा कर लिया और Sana’a से जॉर्डन के लिए उड़ानें फिर से शुरू करने के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया।
हुथियों पर UN के रोडमैप को बाधित करने, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाने और Yemen को क्षेत्रीय झगड़ों में घसीटने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, उन्होंने मानवीय संगठनों को निशाना बनाया, UN के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया और आम जनता पर तरह-तरह के टैक्स और रॉयल्टी थोप दी।
सरकार ने हुथियों से अपील की है कि वे बातचीत की मेज पर वापस आएं और तय शर्तों के मुताबिक शांति प्रक्रिया में शामिल हों। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर हुथियों ने फिर से कोई हमला किया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा ताकि Yemen और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे।
