लाल सागर (Red Sea) में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 24 जुलाई 2026 को यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूती मिलिशिया पर एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इस हमले के कारण जहाज के अगले हिस्से में आग लग गई। यमन सरकार ने इसे ईरान समर्थित गुट द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने वाली आतंकी कार्रवाई बताया है।
📰: यमन के Hodeidah पर सऊदी की एयर स्ट्राइक, हूतियों ने दी हमले को बड़ी नादानी करार।
सऊदी जहाज बना निशाना
सऊदी अरब ने पुष्टि की है कि उनका जहाज Encelia इस हमले में निशाना बना था। गनीमत रही कि हमले के समय जहाज पर मौजूद किसी भी क्रू सदस्य को कोई चोट नहीं आई। हूती विद्रोहियों ने जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने Encelia और Layla नाम के दो सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। हूतियों ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ अपनी नौसैनिक घेराबंदी का हिस्सा बताया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता
इस घटना के बाद दुनिया भर में चिंता का माहौल है। संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत Hans Grundberg ने चेतावनी दी है कि इस तरह का टकराव यमन में राजनीतिक समाधान की संभावनाओं को खत्म कर सकता है। वहीं, इंडोनेशिया ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री स्वतंत्रता का उल्लंघन करार दिया है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (UKMTO) ने भी इलाके में एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के टैंकर से टकराने की सूचना दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए हूतियों को चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर ये हमले जारी रहे, तो अमेरिका हूतियों के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। अमेरिका ने इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और उसे हूतियों का मुख्य मददगार बताया है।
