Yemen News: यमीनी सरकारी सेना ने हूती ठिकानों पर किए ड्रोन हमले, कई मोर्चों पर भड़की भीषण जंग.

यमन में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और देश के कई हिस्सों में एक बार फिर से हिंसा तेजी से बढ़ रही है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने ईरान समर्थित हूती ठिकानों के खिलाफ कई ड्रोन हमलों को अंजाम दिया है। इस बात की आधिकारिक जानकारी सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर द्वारा 23 अगस्त 2026 को जारी एक बयान में दी गई है। सेना ने मारिब और देश के पश्चिमी तट इलाकों में हूती वाहनों को निशाना बनाकर सटीक हमले किए हैं और इन दावों को पुख्ता करने के लिए सैन्य अधिकारियों ने वीडियो फुटेज भी सार्वजनिक किए हैं।
हाइज़ और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में सैन्य कार्रवाई
होदेइदाह के दक्षिण में स्थित हाइज़ मोर्चे पर सेकंड डिवीजन के ऑपरेशंस हेड ने हूती ठिकानों पर सफल ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। इसके साथ ही, सरकारी समर्थित बलों ने 22 और 23 अगस्त को हधरामौत प्रांत में अल-वादीआह सीमा पार के पास एक ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसके अलावा सैन्य बलों ने बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में विस्फोटकों से लदी एक नाव को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हवा में रोके गए इस ड्रोन का निशाना रिहायशी इलाके और विस्थापितों की बस्तियां थीं, लेकिन इसे दूर से ही बेअसर कर दिया गया जिससे किसी भी तरह का जानी या माली नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, इन झड़पों के बीच सेना ने हूती लड़ाकों के साथ हुई गोलीबारी में अपने सैन्य कमांडर याह्या अल-वरकी के हताहत होने की पुष्टि भी की है।
हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन का आमना-सामना
दूसरी तरफ, अंसारल्लाह के नाम से जाने जाने वाले हूती आंदोलन ने भी 23 अगस्त को एक दावा पेश किया जिसमें कहा गया कि उन्होंने उत्तर-पश्चिमी हज्जा प्रांत के ऊपर सऊदी का एक स्कैनईगल टोही ड्रोन मार गिराया है। हालांकि सऊदी अरब की तरफ से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसके अलावा रिपोर्ट्स बताती हैं कि सऊदी अरब ने अरामको तेल रिफाइनरी पर हुए एक हमले के बाद हूती नियंत्रण वाले पहाड़ी इलाकों में हवाई हमले किए हैं। हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के नजराना हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हालिया ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।
वर्ष 2022 के संघर्ष विराम के बाद आई सबसे बड़ी तेजी
मारिब, अल-जौफ, होदेइदाह और ताएज जैसे विभिन्न मोर्चों पर hostilities में अचानक आई यह तेजी वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्ष विराम के बाद से चल रही आंशिक शांति से एक बड़ा बदलाव दिखाती है। इस पूरे संघर्ष में एक तरफ यमन की सरकार है जिसे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन प्राप्त है, तो दूसरी तरफ ईरान समर्थित हूती ताकतें हैं जो राजधानी सना सहित उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा जमाए हुए हैं। इस बढ़ते तनाव का असर क्षेत्र में रह रहे आम नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है, जिससे हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।