Yemen Crisis: यमनी सरकार ने हूती विद्रोहियों को दी कड़ी चेतावनी, कहा- अब हमलों का दिया जाएगा कड़ा जवाब

Praggya Singh sabal11 August 20262 min read60 viewsYemen
Yemen Crisis: यमनी सरकार ने हूती विद्रोहियों को दी कड़ी चेतावनी, कहा- अब हमलों का दिया जाएगा कड़ा जवाब

यमन की राजनीति और सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ यमनी सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब हूती हमलों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और भविष्य में हर हमले का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। देश में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम जनता तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।

हूती हमलों पर सरकार का कड़ा रुख

यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद (PLC) के अध्यक्ष Rashad al-Alimi ने रियाद में एक बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार अब और चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि 10 अगस्त 2026 को दिए गए बयान के अनुसार हूती हमलों का दौर अब खत्म हो चुका है। सरकार ने साल 2022 के संयुक्त राष्ट्र समर्थित समझौते के तहत शांति बनाए रखने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस शांति के प्रयास का गलत फायदा उठाया गया और लगातार हमले किए गए। अब सरकार सैन्य टकराव की शर्तें खुद तय करेगी और विद्रोहियों को अपनी मनमानी नहीं करने देगी।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

कार्गो जहाज पर हमला और कैजुअल्टीज

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब हूती विद्रोहियों ने अपनी हिंसक गतिविधियों को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। 11 अगस्त 2026 को यमन के परिवहन मंत्रालय ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में "Tihamah" नामक कार्गो जहाज पर तीन लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस दर्दनाक हमले में जहाज पर मौजूद चारcrew सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल थे। इसके अलावा चार अन्य लोग और एक बचाव दल का सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हमलों के साथ ही ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मोखा बंदरगाह और मरिब प्रांत के सरकारी इलाकों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले फिर से शुरू कर दिए हैं।

अंतरराष्ट्रीय चिंता और अमेरिका का समर्थन

इस लगातार बढ़ती हिंसा से पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है। इससे पहले 9 अगस्त 2026 को भी हूती हमलों की छह लगातार लहरें देखी गई थीं, जिसमें सरकारी बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। यमन के रक्षा मंत्रालय ने 7 अगस्त 2026 को ही कह दिया था कि सेना उचित समय और स्थान पर इन हमलों का जवाब देगी। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र के यमन में विशेष दूत Hans Grundberg ने 10 अगस्त 2026 को गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति बड़े पैमाने पर संघर्ष को जन्म दे सकती है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी संकट की इस घड़ी में यमन सरकार को अपना पूरा समर्थन देने की बात दोहराई है।

Share:

Comments

Leave a comment