Red Sea में बड़ा हमला, यमनी हौथियों ने साउदी मिलिट्री शिप और एस्कॉर्ट वेसल को बनाया निशाना.

लाल सागर में सुरक्षा का माहौल अचानक काफी तनावपूर्ण हो गया है क्योंकि यमनी हौथी ताकतों ने सऊदी अरब के एक सैन्य लैंडिंग जहाज और चार एस्कॉर्ट जहाजों पर खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का बड़ा दावा किया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और समुद्री व्यापार से जुड़े लोग काफी डरे हुए हैं क्योंकि लगातार हो रहे इन हमलों से लोगों की जान और माल दोनों का भारी नुकसान हो रहा है। आम आदमी और वहां काम करने वाले प्रवासियों के लिए ऐसी खबरें बहुत चिंताजनक होती हैं क्योंकि इससे रोजी-रोटी और महँगाई पर सीधा असर पड़ता है।
हौथी प्रवक्ता का बड़ा बयान और नुकसान की जानकारी
हौथी सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने साफ तौर पर जानकारी दी है कि इस खतरनाक ऑपरेशन की वजह से सऊदी युद्धपोत में भयानक आग लग गई और कई एस्कॉर्ट नावें पानी में डूब गईं। यह समूह अपनी 'ब्लैकेड फॉर ब्लॉकैड' यानी नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी की नीति के तहत लगातार ऐसे जवाबी हमले कर रहा है। इसके साथ ही इस समूह ने यम के मारिब प्रांत में मौजूद एक सऊदी हथियारों के गोदाम पर भी ड्रोन से जोरदार हमला करने की बात कही है। हालांकि हौथी लगातार इन हमलों के सटीक और सीधे होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सऊदी अरब के अधिकारियों की तरफ से इस घटना को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
मोचा पोर्ट पर कामकाज ठप और भारी वित्तीय नुकसान
यह नया हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन का महत्वपूर्ण समुद्री केंद्र माने जाने वाला मोचा पोर्ट पहले से ही भारी अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास स्थित इस बंदरगाह के डायरेक्टर अब्दुलमलिक अल-शराबी ने लगातार मिल रहे मिसाइल और ड्रोन खतरों की वजह से समुद्री और व्यावसायिक गतिविधियों को पूरी तरह से निलंबित यानी बंद करने का ऐलान कर दिया है। अधिकारियों द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, 8 अगस्त के बाद से हुए इन हालिया हमलों की वजह से अब तक कुल 10 लोगों की जान जा चुकी है, 22 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं और लगभग 79 मिलियन डॉलर का भारी वित्तीय नुकसान हो चुका है।
यमन सरकार की चेतावनी और मिसाइल का पता चलना
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि लाल सागर के तट की तरफ दो हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का पता चला है। इस इलाके में हिंसा और युद्ध जैसी स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है जिससे आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है। समुद्री रास्तों से आने-जाने वाले जहाजों पर मंडराते इन खतरों की वजह से कामगारों और व्यापारियों में भारी डर का माहौल बना हुआ है। सरकार और संबंधित अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके और हालात को सामान्य किया जा सके।