यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी आज 20 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण बयान देने वाले हैं। यह घोषणा ऐसे समय में हो रही है जब हूतियों की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में तनाव बहुत बढ़ गया है। हूतियों ने सऊदी अरब के जहाजों को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है।
तनाव और सरकारी कार्रवाई
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने इसे ‘ब्लॉकडे फॉर ब्लॉकडे’ नीति बताया है और सऊदी अरब को चेतावनी दी है। दूसरी तरफ, 19 जुलाई 2026 को यमन के परिवहन मंत्री मोहसेन अल-अमारी ने स्पष्ट किया कि 17 जुलाई को एक ईरानी महान एयर विमान को सना में उतरने से रोक दिया गया था क्योंकि उनके पास कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी। राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने पहले ही साफ कर दिया है कि वैध सरकार की मंजूरी के बिना कोई भी विदेशी विमान यमन नहीं आएगा। इसके विरोध में 13 जुलाई को यमनी सशस्त्र बलों ने सना हवाई अड्डे के रनवे को निशाना बनाया था, जिसे सरकार ने अपनी संप्रभुता की रक्षा बताया है।
मानवीय सहायता और राहत कार्य
इस बीच, यमन में मानवीय राहत कार्य भी जारी है। किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने अपनी MASAM परियोजना के तहत जुलाई के तीसरे हफ्ते में 1,786 बारूदी सुरंगों को हटाया है। इस महीने अब तक कुल 4,286 सुरंगें हटाई जा चुकी हैं, जबकि प्रोजेक्ट शुरू होने से लेकर अब तक कुल 575,411 सुरंगों को साफ किया गया है।
