Yemen Attack: यमनी सेना पर हूती विद्रोहियों का हमला, मोचा शहर और लाल सागर की तरफ दागी दो मिसाइलें।

यमीनी सेना ने यह जानकारी दी है कि 17 अगस्त 2026 को हूती ताकतों ने दो हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह मिसाइलें तटीय शहर Mocha और लाल सागर की तरफ छोड़ी गईं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। ताइज मिलिट्री एक्सिस के अनुसार, इन मिसाइलों को ताइज शहर के पूर्व में माउंट ओउमैन पर स्थित 170वें एयर डिफेंस ब्रिगेड के पूर्व मुख्यालय वाले हूती-नियंत्रित सैन्य ठिकाने से फायर किया गया था। इस हमले के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके।
हमले में नुकसान और आधिकारिक बयान
सेना की तरफ से इस घटना की पूरी रिपोर्ट दी गई है, लेकिन राहत की बात यह है कि इस हमले में अभी तक किसी के हताहत होने या फिर किसी बड़े सामान के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ, हूती आंदोलन की तरफ से इस स्ट्राइक को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा बनी हुई है कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस ओर मोड़ लेगा, क्योंकि लगातार इस तरह की घटनाएं आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है तनाव
यह ताजा तनाव उस समय सामने आया है जब क्षेत्रीय अस्थिरता अपने चरम पर है और लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 16 अगस्त को मोचा शहर के खिलाफ सात मानवरहित हवाई वाहनों यानी ड्रोन से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। इन लगातार हो रही hostile गतिविधियों का जवाब देने के लिए यमीनी सशस्त्र बलों ने अपने काउंटर-ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। पिछले 24 घंटे के भीतर सेना ने एडवांस्ड FPV सुसाइड ड्रोन और आर्टिलरी का इस्तेमाल करके कुल 181 सैन्य जुड़ाव और ऑपरेशन पूरे किए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और सरकारी कदम
एक तरफ जहां सैन्य स्तर पर जवाबी कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयास भी लगातार चल रहे हैं। सऊदी और यमीनी अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है ताकि इस गंभीर मसले का कोई शांतिपूर्ण हल निकाला जा सके। यमन सरकार लगातार यह मांग कर रही है कि हूती विद्रोहियों को मिलने वाली फंडिंग और हथियारों के स्रोतों पर दबाव और ज्यादा बढ़ाया जाए। मारिब, अल-जौफ, अद-दालि और ताइज जैसे विभिन्न मोर्चों पर बने लगातार खतरों से निपटने के लिए सरकार हरसंभव कड़े कदम उठाने की बात कह रही है ताकि देश में शांति और सुरक्षा बहाल की जा सके।