यमन के सूचना मंत्री ने हूथी मिलिशिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हूथी समूह अपने अंदरूनी संकटों और नाकामियों से बचने के लिए बाहरी तनाव बढ़ा रहा है ताकि लोगों का ध्यान घरेलू अस्थिरता और बढ़ते गुस्से से हटाया जा सके।

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सऊदी गठबंधन का बड़ा दावा

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki al-Malki ने 4 जुलाई 2026 को एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के खिलाफ हूथी समूह के बयान सिर्फ एक दिखावा हैं। उनका मकसद यमन के लोगों के साथ किए गए अपने गंभीर उल्लंघनों और आर्थिक तबाही से ध्यान हटाना है। प्रवक्ता ने बताया कि हूथी समूह अब कबीलों और सामाजिक समूहों के बढ़ते विरोध को दबाने के लिए बाहरी संघर्षों का सहारा ले रहा है।

वहीं, खबर न्यूज़ एजेंसी (Khabar News Agency) ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि हूथी समूह अपने नियंत्रित इलाकों में खराब प्रबंधन और गिरती आर्थिक स्थिति की जिम्मेदारी से बचने के लिए बाहरी विवाद पैदा कर रहा है।

कबीलों में भारी नाराजगी और हिंसा

यमन के भीतर हूथी नियंत्रण वाले इलाकों में कबीलाई लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। 2 जुलाई 2026 को एक प्रमुख कबीलाई नेता Sheikh Abdul Hamid Ali Al-Shahri ने हूथी प्रशासन को खुली चेतावनी दी। उन्होंने अपने detained भाई को 24 घंटे के भीतर रिहा करने की मांग की और कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने हूथी प्रशासन के तौर-तरीकों को गुंडागर्दी बताया।

इसी तरह, Al-Rayyan में Sheikh Hamad bin Mudgham के बुलावे पर कई कबीलों के लोग जमा हुए। यह जमावड़ा हूथी समूह के कामकाज के प्रति लोगों की गहरी नाराजगी को दिखा रहा है।

हिंसा की बात करें तो Al-Jawf प्रांत में Hamdan कबीले और हूथी सुरक्षा बलों के बीच खूनी झड़पें हुई हैं। इस लड़ाई में दोनों तरफ से लोग मारे गए और कई घायल हुए। आरोप है कि हूथियों ने अस्पताल के अंदर ही घायल कबीलाई लोगों की हत्या की और एक शव को भी अगवा कर लिया। इस घटना के बाद Al-Hazm इलाके में कबीलों ने बड़ा विरोध शुरू कर दिया है।

प्रेसिडेंटियल काउंसिल की चेतावनी

यमन की internationally recognized Presidential Leadership Council ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। काउंसिल ने ईरान की एक उड़ान को यमन की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून की अवहेलना बताया। काउंसिल ने तेहरान को चेतावनी दी कि वह और अधिक तनाव न बढ़ाए और संयुक्त राष्ट्र से मांग की कि अब सिर्फ निंदा करने के बजाय कड़ी कार्रवाई की जाए।