Red Sea में बड़ा हमला, यमनी नौसेना ने Houthi के विस्फोटक से भरे नावों को किया तबाह, कई लड़ाके ढेर.

लाल सागर यानी Red Sea में सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। 13 अगस्त 2026 को यमनी नौसेना यानी Yemeni Naval Forces और कोस्ट गार्ड ने मिलकर एक बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान हूती यानी Houthi विद्रोहियों के विस्फोटक से लदे कई नावों को बीच समंदर में ही रोककर पूरी तरह से तबाह कर दिया गया। सैन्य सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह कार्रवाई संयुक्त बलों यानी Joint Forces द्वारा की गई थी।
ऑपरेशन की मुख्य बातें
इस मिलिट्री ऑपरेशन को नेशनल रेजिस्टेंस यूनिट्स द्वारा अंजाम दिया गया, जिसका नेतृत्व प्रेसिडेंट लीडरशिप काउंसिल के सदस्य तारीख सालेह (Tariq Saleh) कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि ये नावें क्षेत्रीय जल सीमा में खतरनाक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। इन नावों की वजह से समुद्री नौवहन यानी मैरीटाइम नेविगेशन पर बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
गाइड्ड मिसाइल से किया गया हमला
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता वाले कम से कम एक संदिग्ध नाव को गाइडेड मिसाइल की मदद से निशाना बनाया। इस सटीक हमले में नाव पर सवार कई लड़ाके मारे गए और भारी नुकसान हुआ। हालांकि सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से कुछ हूती नावें डूब गईं, लेकिन कुछ अन्य नावें मौका पाकर वहां से भागने में सफल रहीं।
बाब अल-मदब जलडमरूमध्य पर संकट
यह रणनीतिक सफलता ऐसे समय में मिली है जब हूती बल लगातार बाबत अल-मदब (Bab al-Mandab) जलडमरूमध्य के पास से गुजरने वाले कमर्शियल शिपिंग लेन यानी व्यापारिक जहाजों को लगातार धमकी दे रहे हैं। इस इलाके में लगातार बढ़ती समुद्री आक्रामकता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके गंभीर प्रभावों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी United Nations Security Council आज एक अहम बैठक करने वाली है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।