सऊदी अरब ने विदेशी निवेशकों, उद्यमियों और प्रॉपर्टी मालिकों के लिए प्रीमियम रेज़ीडेंसी वीज़ा की सुविधा शुरू की है। इस वीज़ा का फायदा पूरे परिवार को मिलता है जिसमें माता-पिता, पत्नी-पत्नी और 25 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं। यहां तक कि रिश्तेदारों को भी वीज़ा दिया जा सकता है।

इस वीज़ा के तहत पांच तरह के विकल्प दिए गए हैं:

  1. एक्सेप्शनल कॉम्पिटेंसी रेज़ीडेंसी – वैज्ञानिक, प्रशासनिक और शोध क्षेत्र के विशेष विशेषज्ञों के लिए।

  2. टैलेंट रेज़ीडेंसी – खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्रों में प्रतिभाशाली लोगों के लिए। इसके लिए संबंधित मंत्रालय की सिफारिश जरूरी है।

  3. बिज़नेस इन्वेस्टर रेज़ीडेंसी – कम से कम 70 लाख रियाल (लगभग ₹15 करोड़) निवेश करने वाले निवेशकों के लिए।

  4. आंत्रप्रेन्योर रेज़ीडेंसी – नए विचारों और स्टार्टअप्स पर काम करने वाले उद्यमियों के लिए।

  5. प्रॉपर्टी ओनर रेज़ीडेंसी – जिनके पास सऊदी अरब में कम से कम 40 लाख रियाल (लगभग ₹10 करोड़) मूल्य की रिहायशी संपत्ति है।

फायदें

  • वीज़ा धारक और उनका परिवार बिना किसी अलग वीज़ा के सऊदी अरब आ-जा सकते हैं।

  • उन पर प्रवासी कर या अतिरिक्त टैक्स लागू नहीं होगा, केवल सामान्य कर नियम लागू होंगे।

  • प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करने और व्यापार करने की पूरी अनुमति होगी।

  • रियल एस्टेट संपत्ति रखने और शेयर बाजार में निवेश करने की भी सुविधा मिलेगी।

हालांकि, यह वीज़ा सऊदी नागरिकता नहीं देता।

अंतर – इन्वेस्टर वीज़ा और प्रीमियम रेज़ीडेंसी में

इन्वेस्टर वीज़ा किसी निवेश लाइसेंस से जुड़ा होता है और धारक को नियोक्ता से बंधा रहना पड़ता है। वहीं प्रीमियम रेज़ीडेंसी धारक स्वतंत्र होता है और उसे “वर्क परमिट” की जरूरत नहीं होती।

आवेदन कैसे करें?

इसके लिए आवेदक को सऊदी दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होता है। स्वीकृति मिलने के बाद, सभी दस्तावेज़ और पासपोर्ट लेकर नज़दीकी सऊदी कॉन्सुलेट से वीज़ा प्राप्त किया जा सकता है।