यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि रूस ईरान को खुफिया जानकारी देने में मदद कर रहा है। जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन के पास इस बात के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने अपनी मिलिट्री इंटेलिजेंस (HUR) के प्रमुख ओलेह इवाशचेंको के साथ 23 मार्च 2026 को हुई मीटिंग के बाद यह जानकारी साझा की। जेलेंस्की का कहना है कि इस मदद की वजह से ईरान को टिके रहने में सहारा मिल रहा है।

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जेलेंस्की ने रूस और ईरान की खुफिया दोस्ती पर क्या कहा?

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि रूस अपनी इलेक्ट्रॉनिक और रेडियो तकनीक के जरिए ईरान को जरूरी डेटा भेज रहा है। जेलेंस्की का मानना है कि इस खुफिया मदद से ईरान को काफी मदद मिल रही है, जिससे जंग और लंबी खिंच रही है। उन्होंने अपनी इंटेलिजेंस टीम को निर्देश दिया है कि वे इन सबूतों के बारे में पश्चिमी देशों को भी विस्तार से जानकारी दें। यूक्रेन ने यह भी बताया है कि रूस अब बेलारूस और यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में ड्रोन्स के लिए कंट्रोल स्टेशन बनाने की तैयारी में है।

रूस और ईरान का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?

रूस ने यूक्रेन के इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि मीडिया में चल रही ऐसी खबरें झूठी हैं। वहीं दूसरी ओर, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इस चर्चा में खाड़ी देशों (Persian Gulf) में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल की गतिविधियों पर बात की गई। रूस ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर किसी भी तरह का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • तारीख: यह घटनाक्रम 23 और 24 मार्च 2026 का है।
  • मुख्य दावेदार: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूस का क्रेमलिन।
  • क्षेत्र: इसका असर मध्य पूर्व (Middle East) और यूक्रेन युद्ध दोनों पर पड़ रहा है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.