शेयर बाजार के दिग्गज प्लेटफॉर्म Zerodha ने अपने एजुकेशनल कंटेंट आर्म Zero1 को स्थायी रूप से बंद कर दिया है। पिछले एक साल में Zero1 ने करीब 600 वीडियो बनाए थे, जिन्हें 8 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा और 8 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स जुड़े थे। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यहाँ कभी भी डीमैट अकाउंट खोलने के लिए कोई दबाव नहीं डाला गया था।
रेगुलेटरी सख्ती के कारण फैसला
इस कंटेंट आर्म को बंद करने के पीछे का मुख्य कारण SEBI की तरफ से बढ़ती रेगुलेटरी सख्ती है। कंपनी का मानना है कि फाइनेंसियल इन्फ्लुएंसर्स को लेकर नियमों में अनिश्चितता बनी हुई है। जबकि SEBI स्टॉक टिप्स देने वाले लोगों पर नजर रख रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक इन्फ्लुएंसर्स का एक बड़ा वर्ग बिना किसी स्पष्ट निगरानी के काम कर रहा है।
राजनीतिक कंटेंट और जवाबदेही का अंतर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजनीतिक मामलों में कुछ इन्फ्लुएंसर्स को भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए पैसे दिए जाते हैं। कई मामलों में सामने आया है कि एलपीजी कीमतों को सही बताने या किसी राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए इन्फ्लुएंसर्स को प्रति रील 60,000 रुपये तक ऑफर किए गए। वित्तीय क्षेत्र के मुकाबले राजनीतिक कंटेंट के लिए अभी तक कोई स्पष्ट नियामक संस्था या नियम मौजूद नहीं हैं, जिससे आम लोगों के लिए असली और प्रायोजित कंटेंट के बीच फर्क करना मुश्किल होता है।
