ज्याद जिलानी और मोहम्मद अबू खुदीर के परिवारों को आज भी न्याय का इंतज़ार, सिस्टम पर उठे सवाल.

सालों पहले मारे गए Ziad Jilani और Mohammed Abu Khdeir के परिवार आज भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं और अपनी पीड़ा खुलकर दुनिया के सामने रख रहे हैं। इन मामलों को हाल ही में संयुक्त राष्ट्र यानी United Nations के आतंकवाद के पीड़ितों की याद और श्रद्धांजलि के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर उठाया गया, जिसे 21 August 2026 को मनाया गया था। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें आज भी न्याय नहीं मिला है और कानूनी सिस्टम में लगातार कमियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित परिवारों का दर्द और सिस्टम की विफलता
Ziad Jilani की पत्नी Moira Jilani ने बताया कि उनके परिवार लगातार हिंसा का शिकार हो रहे हैं और वे खुद को दहशत में महसूस करते हैं। जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि जिस बॉर्डर पुलिस अधिकारी ने जिलानी की हत्या की थी, उसने ऑनलाइन चैट में पहले अरब लोगों को नुकसान पहुंचाने की इच्छा जताई थी। हालांकि इसके बावजूद उस मामले को सबूतों की कमी बताकर बंद कर दिया गया था, जिससे परिवार को बहुत गहरा धक्का लगा था।
इसी तरह Mohammed Abu Khdeir के माता-पिता Hussein Abu Khdeir और उनकी पत्नी Suha Abu Khdeir भी अपने बेटे के लिए लगातार इंसाफ मांग रहे हैं। पिता हुसैन अबू खुदीर ने कई बार यह सवाल उठाया है कि आखिर उनके बेटे को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी हमले का शिकार क्यों नहीं माना जा रहा है। जिन तीन इजरायली यहूदी नागरिकों को इस हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया गया था, उन्होंने खुद अदालत में माना था कि उनका यह कृत्य आतंकवाद से प्रेरित था। इसके अलावा 55 Israeli lawmakers द्वारा एक पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद इन परिवारों की चिंता और नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई, जिसमें उन दोषियों की माफी की मांग की गई थी जो इस समय उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट
मानवाधिकार संगठन Yesh Din द्वारा किए गए एक अध्ययन में इन सभी मामलों को कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी विफलता के रूप में देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Al Jazeera English ने भी इन संघर्षों को कवर किया था और बताया था कि कैसे अपनों के लिए इंसाफ पाने की कोशिश कर रहे परिवारों को कानूनी प्रक्रिया के दौरान झूठे आरोपों और भारी रुकावटों का सामना करना पड़ता है।