Zoom Communications ने सऊदी अरब में अपना दूसरा डेटा सेंटर शुरू कर दिया है। यह बड़ा कदम जून 2026 की शुरुआत में उठाया गया, जिसका मुख्य मकसद राज्य में डिजिटल बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाना है। इस नई सुविधा से अब स्थानीय डेटा नियमों का पालन करना आसान होगा और इंटरनेट सेवाओं की रफ्तार भी बढ़ेगी।
इस डेटा सेंटर का उद्घाटन दिरियाह के Bab Samhan Hotel में एक समारोह के दौरान किया गया। इस कार्यक्रम में Ministry of Communications and Information Technology (MCIT) के साथ-साथ Ministry of Investment और Misk Foundation के बड़े अधिकारी मौजूद थे। डिजिटल गवर्नमेंट अथॉरिटी (DGA) के गवर्नर अहमद अलसुवियान और Aramco के प्रतिनिधि भी इस मौके पर शामिल हुए।
स्थानीय डेटा नियमों का होगा पालन
Zoom के METAP रीजन के वाइस प्रेसिडेंट मोहन्नाद अलकलाश ने बताया कि यह नया डेटा सेंटर ग्राहकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सपोर्ट देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम सऊदी अरब के जुड़े हुए और AI-पावर्ड भविष्य के विजन में कंपनी के भरोसे को दिखाता है। यह फैसिलिटी उन कंपनियों के लिए बहुत जरूरी है जिन्हें नियमों के मुताबिक अपना डेटा देश की सीमा के अंदर ही रखना होता है।
Zoom की COO अपर्णा बावा ने पहले ही कहा था कि कंपनी सऊदी अरब के Vision 2030 में अपना योगदान देना चाहती है, जो डिजिटल और आर्थिक बदलाव पर केंद्रित है। यह पूरा सेटअप center3 के साथ मिलकर तैयार किया गया है, जो डेटा सेंटर और सबसी केबल सिस्टम मुहैया कराता है।
AI और भविष्य की तैयारी
सऊदी अरब ने साल 2026 को “Year of Artificial Intelligence” घोषित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए Zoom ने AI-पावर्ड टूल जैसे ZoomMate और AI Productivity Suite पेश किए हैं। कंपनी ने पहले ही सऊदी अरब में 75 मिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया था, जिसका बड़ा हिस्सा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च हो रहा है।
बता दें कि Zoom ने अपना पहला रीजनल डेटा सेंटर 2023 में Aramco के सहयोग से शुरू किया था। अब दूसरा सेंटर खुलने से स्थानीय ग्राहकों को डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग में ज़्यादा कंट्रोल मिलेगा और उनकी जानकारी देश के अंदर ही सुरक्षित रहेगी।
