अब सिनेमा हॉल में छोड़ दिया बीच में मूवी देखना तो पैसा होगा रिफंड. PVR Inox में लागू हुआ नया नियम.

Lov Singh20 December 20242 min read1 viewsFinance

आजकल लोग मोबाइल पर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के कारण सिनेमाघरों से दूर होते जा रहे हैं। इसे देखते हुए, मल्टीप्लेक्स चेन PVR Inox ने दर्शकों को लुभाने के लिए ‘फ्लेक्सी शो’ नाम का नया मॉडल पेश किया है। इस मॉडल के तहत दर्शक सिर्फ उतने ही पैसे देंगे, जितना उन्होंने फिल्म देखी है।

 

क्या है फ्लेक्सी शो?

PVR Inox के CEO रेनो पॉलिएर ने बताया,
“अगर कोई ग्राहक किसी कारण से फिल्म बीच में छोड़ना चाहता है, तो उसे सिर्फ उतना ही भुगतान करना होगा जितना उसने देखा। यह कदम ई-कॉमर्स और ओटीटी जैसे लचीले मॉडल की तरह दर्शकों को सिनेमाघरों में सुविधा देने के लिए उठाया गया है।”

फ्लेक्सी शो फिलहाल दिल्ली और गुरुग्राम में शुरू किया गया है और जल्द ही इसे अन्य बड़े शहरों में लागू किया जाएगा।

 

कैसे काम करेगा यह मॉडल?

  • अगर कोई दर्शक फिल्म के बीच में छोड़ना चाहता है, तो वह बचे हुए शो के समय के आधार पर रिफंड ले सकता है।
    • उदाहरण के लिए, अगर आपने फिल्म का 50% देखा और 50% छोड़ दिया, तो आपको 50% टिकट राशि वापस मिल जाएगी।
    • अगर 70-75% फिल्म बाकी है, तो रिफंड और ज्यादा होगा।
  • रिफंड के लिए ग्राहक को बॉक्स ऑफिस पर QR कोड स्कैन करना होगा।

इससे कौन होगा फायदा?

  • बिजी प्रोफेशनल्स: जिन्हें समय की कमी रहती है।
  • फैमिली ऑडियंस: खासकर छोटे बच्चों वाले परिवार।
  • फ्रीक्वेंट दर्शक: लचीलापन मिलने पर बार-बार आने की संभावना।

 

फ्लेक्सी शो क्यों ज़रूरी है?

सिनेमाघरों में कम होती भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

  • जनवरी से नवंबर 2024 तक बॉक्स ऑफिस का कलेक्शन ₹9,862 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 4% कम है।
  • FY25 की दूसरी तिमाही में PVR Inox की फुटफॉल्स (दर्शकों की संख्या) में 19.9% की गिरावट आई।
  • कोविड से पहले के स्तर की तुलना में 20-25% कम दर्शक सिनेमाघरों में आ रहे हैं।

 

पुरानी फिल्मों का रि-रन भी है समाधान

कम दर्शकों की वजह से PVR Inox ने पुरानी फिल्मों को फिर से रिलीज़ करना शुरू किया। सितंबर तिमाही में, इन रि-रन फिल्मों ने कुल फुटफॉल्स में 6% का योगदान दिया।

 

क्या फ्लेक्सी शो बदल देगा सिनेमाघरों का भविष्य?

PVR Inox को उम्मीद है कि यह मॉडल न सिर्फ दर्शकों की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि बार-बार आने की आदत भी डालेगा।
“अगर लोग टिकट के पैसे डूबने के डर से सिनेमाघरों नहीं आ रहे हैं, तो यह मॉडल उस डर को खत्म करेगा,” पॉलिएर ने कहा।

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