आज से 5000 रुपये जुर्माने का ऐलान Income Tax विभाग ने किया लागू. महीना ख़त्म होने के साथ 12 प्रतिशत सालाना का ब्याज भी अलग से.

Lov Singh1 August 20243 min read0 viewsFinance
31 जुलाई 2024 तक 7 बजे तक 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए गए थे, लेकिन अभी भी लाखों करदाता ऐसे हैं जिन्होंने अपने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किए हैं। जिन करदाताओं ने समय पर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया, वे देर से आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
देर से आयकर रिटर्न क्या है?
आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत देर से आयकर रिटर्न वह रिटर्न है जो समय सीमा के बाद दाखिल किया जाता है। जिन करदाताओं ने 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं किया, वे देर से आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
देर से आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा
करदाता संबंधित मूल्यांकन वर्ष की 31 दिसंबर तक देर से आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
देर से आयकर रिटर्न दाखिल करने पर क्या होगा?
देर से आयकर रिटर्न दाखिल करने पर करदाताओं को देर से रिटर्न दाखिल करने की पेनल्टी से कोई राहत नहीं मिलती है।
पेनल्टी
31 जुलाई के बाद आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर ₹5,000 की पेनल्टी लगती है। जिन करदाताओं की आय ₹5 लाख से कम है, उन्हें देर से रिटर्न दाखिल करने पर ₹1,000 की पेनल्टी देनी होती है।
ब्याज
जब करदाताओं को कर देनदारी होती है, तो उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 234ए के तहत 1 अगस्त से कर भुगतान की तारीख तक प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होता है।
Share:

Comments

Leave a comment