इन 9 कमाई पर नहीं लगता हैं एक भी रुपया टैक्स. Income Tax विभाग ने रखा हैं Exemption Category में.

Lov Singh15 December 20242 min read1 viewsFinance

हर साल इनकम टैक्स से बचने के लिए सही निवेश की प्लानिंग करना बहुत जरूरी होता है। विशेषकर नौकरीपेशा लोगों के लिए, जहां वित्त वर्ष के अंत में निवेश का प्रूफ सबमिट करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यहां कुछ ऐसे इनकम टैक्स-फ्री विकल्प दिए गए हैं, जिनमें निवेश करके आप अपनी टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं।


1. खेती से आय

खेती से होने वाली आय पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है। चाहे यह कृषि उत्पाद बेचने से हो या खेती से जुड़े किसी अन्य स्रोत से, इस पर कोई टैक्स नहीं लगता।

2. वॉलंटरी रिटायरमेंट सर्विस (VRS)

सरकारी कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी रिटायरमेंट लेने पर ₹5 लाख तक की राशि टैक्स-फ्री होती है। यह सुविधा सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित है।

3. अविभाजित हिंदू परिवार (HUF)

आयकर अधिनियम की धारा 10(2) के अनुसार, HUF से मिली किसी भी प्रकार की राशि या विरासत में मिली रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।

4. माता-पिता से मिली प्रॉपर्टी, गिफ्ट या कैश

  • माता-पिता से मिली प्रॉपर्टी, जेवर या कैश पर टैक्स नहीं लगता।
  • वसीयत में मिली प्रॉपर्टी भी टैक्स-फ्री होती है।
  • अगर इसे निवेश करके आय उत्पन्न की जाती है, तो उस आय पर टैक्स देना होगा।

 

5. शादी के गिफ्ट

शादी में दोस्तों, रिश्तेदारों, या पति/पत्नी से मिले गिफ्ट ₹50,000 तक टैक्स-फ्री होते हैं। कुछ विशेष गिफ्ट, जैसे वसीयत या माता-पिता से मिले उपहार, मूल्य सीमा से अधिक होने पर भी टैक्स-फ्री रहते हैं।

6. NRE सेविंग और FD अकाउंट का ब्याज

NRI व्यक्तियों के नॉन-रेजिडेंट एक्सटर्नल (NRE) सेविंग और फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज भारत में टैक्स-फ्री होता है।

7. ग्रेच्युटी

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹20 लाख तक की ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री होती है।
  • प्राइवेट सेक्टर में ₹10 लाख तक की ग्रेच्युटी पर टैक्स नहीं लगता।

8. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

PPF में सालाना ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है।

  • निवेश की गई राशि, अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि, तीनों पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं।

9. एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF)

अगर आप लगातार 5 साल तक EPF में योगदान करते हैं, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।

 

यहां टैक्स-फ्री निवेश और आय के स्रोतों की एक झलक है:

निवेश/आय का स्रोत टैक्स-फ्री सीमा
खेती से आय पूरी तरह टैक्स-फ्री
वॉलंटरी रिटायरमेंट (VRS) ₹5 लाख तक
HUF से आय पूरी तरह टैक्स-फ्री
माता-पिता से गिफ्ट/प्रॉपर्टी पूरी तरह टैक्स-फ्री
NRE सेविंग/FD का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री
ग्रेच्युटी सरकारी: ₹20 लाख, प्राइवेट: ₹10 लाख तक
PPF ₹1.5 लाख तक निवेश और अर्जित लाभ टैक्स-फ्री
EPF 5 साल के बाद टैक्स-फ्री

इन विकल्पों का सही उपयोग करके आप अपनी टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं और एक सुरक्षित निवेश पोर्टफोलियो बना सकते हैं।

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