बांग्लादेश के लिए गाड़ियों के पार्ट पुर्जो के निर्यात पर रोक. आफ़त में फसेगा पड़ोसी मुल्क. सड़क पर पड़ी रहेंगी गाड़ियाँ.

Lov Singh13 December 20241 min read1 viewsIndia

दिल्ली के व्यापारियों और संगठनों ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों के विरोध में बड़ा कदम उठाते हुए एक महीने तक वाहनों के कलपुर्जों के निर्यात पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और कश्मीरी गेट बाजार के व्यापारियों द्वारा लिया गया है।

 

निर्यात का दायरा और महत्व

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, हर महीने दिल्ली से बांग्लादेश को करीब ₹1,000 करोड़ के कलपुर्जों का निर्यात किया जाता है।

  1. विरोध का उद्देश्य: बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार के प्रति अपना समर्थन जताना।
  2. समीक्षा की योजना: एक महीने बाद इस रोक के असर की समीक्षा की जाएगी और इसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि यह रोक जारी रखनी है या नहीं।

 

व्यापारिक संगठनों का रुख

  • CTI चेयरमैन बृजेश गोयल: “यह समय बांग्लादेश के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के साथ खड़े होने का है।”
  • अपमा (APMA) की कश्मीरी गेट शाखा: एशिया की सबसे बड़ी ऑटो और मोटर पार्ट्स मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय नारंग ने भी इस फैसले का समर्थन किया है।

 

संदेश और असर

यह निर्णय व्यापारियों द्वारा बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों के विरोध में उठाया गया कदम है। व्यापारियों को उम्मीद है कि यह कदम बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने में मदद करेगा।

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