भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा यमन के राष्ट्रपति ने नहीं मानी. पूरा प्रवासी समुदाय हुआ दुखी.

Lov Singh7 January 20251 min read2 viewsIndia

आज की पोस्ट में हम एक भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले की चर्चा कर रहे हैं, जिसने न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी सुर्खियाँ बटोरी हैं। निमिषा, जो केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेनगोडे की निवासी हैं, वर्तमान में यमन की राजधानी सना की जेल में बंद हैं।

मामला क्या है?

निमिषा प्रिया को जुलाई 2017 में एक यमन नागरिक की हत्या का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद 2020 में एक निचली अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई। यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में इस फैसले को बरकरार रखा।

राजनीतिक जुड़ाव

इस मामले में राजनीतिक पहलू भी जुड़ा हुआ है। यमन के दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यमन की अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा का राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने अनुमोदन नहीं किया है। यमन की सरकार का कहना है कि इस मामले में हूती मिलिशिया की दखलंदाज़ी रही है।

भारतीय सरकार का रुख

भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि वे मामले के घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं और सरकार निमिषा प्रिया की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

मीडिया में चर्चा

इससे संबंधित एक मीडिया रिपोर्ट के बारे में, यमन के दूतावास ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट की गई जानकारी को दूतावास द्वारा सही नहीं माना गया। दूतावास के अनुसार, यह मामला जटिल है और इसमें हूती मिलिशिया की भूमिका सवालों के घेरे में है।

इस मुद्दे पर अभी और जानकारी आने की संभावना है, और भारतीय नागरिक और मीडिया इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।

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