Blog/रमणाथपुरम‑रमेश्वरम 52 किमी रेलखंड का इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा; पाम्बन ब्रिज तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें मंजूर
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रमणाथपुरम‑रमेश्वरम 52 किमी रेलखंड का इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा; पाम्बन ब्रिज तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें मंजूर

Sushma Kumari14 September 20252 min read0 views
What’s inside: रेलवे अधिकारियों ने रमनाथपुरम–रामेश्वरम के 52 किमी वाले नए बिजलीकरण सेक्शन का निरीक्षण किया और जांचें पूरी होने पर रामेश्वरम तक इलेक्ट्रिक लोको के आने की तैयारी बताई गई है।

दक्षिण रेलवे के प्रधान मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गणेश और अन्य अधिकारी शनिवार को रमनाथपुरम से रामेश्वरम तक बने नये 52 किलोमीटर के इलेक्ट्रिफाइड रेल सेक्शन का निरीक्षण करने पहुँचे। निरीक्षण मौके पर उन्होंने लाइन, पुल और विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया। यह निरीक्षण उस सेक्शन के समग्र परीक्षण के हिस्से के रूप में हुआ।

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि जरूरी स्टैट्यूटरी चेक सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं और इसी के आधार पर इलेक्ट्रिक लोको रामेश्वरम तक आ सकेंगे। तटीय इलाके में ट्रैक और संरचनाओं के जंग से बचाव के लिए अत्यधिक गैल्वनाइज्ड स्ट्रक्चर लगाए गए हैं। तकनीकी उन्नयन भी जंग और रखरखाव पर नियंत्रण में मदद करेगा।

जनता और यात्रियों के नजरिए से प्रमुख बदलाव यह है कि अब रामेश्वरम तक बिजली पर चलने वाली लोकोमोटिव का परिचालन संभव बनना है। इससे रेल खंड में इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर सक्रिय होने की दिशा में कदम बढ़ा है। किसी भी नई समय-सारणी, किराया या संचालन संबंधी विवरण के लिए आगे की सूचनाएँ जारी की जाएँगी।

निरीक्षण में ओवरहेड उपकरण (OHE), सबस्टेशन और संबंधित उपकरणों का परीक्षण शामिल था। पॉइंट्स, क्रॉसिंग्स, वक्र, रोड ओवर ब्रिज (ROBs), फुट ओवर ब्रिज (FOBs), लेवल क्रॉसिंग्स के इंटरलॉकिंग और अन्य सुरक्षा पैरामीटर भी देखे गए। साथ में Additional Divisional Railway Manager एल.एन. राव, Chief Electrical Distribution Engineer विष्णु कांत, Chief Electrical Engineer (Construction) ए. सुंदरेसन और Chief Signal Engineer पी.के. डेका मौजूद थे।

ऊपर से अधिकारी ने नये पाम्बन ब्रिज का भी निरीक्षण कर उसकी कार्यक्षमता रिव्यू की और पुल पर लगे विभिन्न विद्युत उपकरणों का जायजा लिया। वास्तविक नतीजा यह है कि स्टैट्यूटरी चेक पूरी होने के बाद रामेश्वरम तक इलेक्ट्रिक लोको के आने की प्रक्रिया संभव हो गई है और अगले कदमों के बारे में रेलवे आगे जानकारी देगी।

Summary:
  • दक्षिण रेलवे ने रमनाथपुरम–रामेश्वरम 52 किमी सेक्शन का बिजलीकरण निरीक्षण किया।
  • स्टैट्यूटरी चेक सफल रहे, इसलिए इलेक्ट्रिक लोको रामेश्वरम तक आ सकेंगे।
  • तटीय जंग से बचाव के लिए गैल्वनाइज्ड स्ट्रक्चर और तकनीकी अपग्रेड किए गए हैं।
  • OHE, सबस्टेशन, पॉइंट्स, ROBs, FOBs और सुरक्षा सिस्टम की जाँच हुई।
  • नए पाम्बन ब्रिज और उसके विद्युत उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया।
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