दिल्ली-एनसीआर: 12 हजार करोड़ से बनेंगे 3 नए मेट्रो कॉरिडोर, नोएडा-गाजियाबाद और गुरुग्राम को सीधा फायदा

GulfHindi Desk26 December 20253 min read0 viewsIndia

दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी और इसके आसपास के शहरों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तीन नए मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना पर कुल 12,014.91 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसके तहत 16 किलोमीटर से अधिक लंबा नया रूट तैयार किया जाएगा। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) की मंजूरी के बाद इन कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पहले से ही तैयार थी, ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली सरकार और डीएमआरसी जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य को धरातल पर उतारेंगे।

नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद और इंदिरापुरम के बीच कनेक्टिविटी सुधरने से एनएच-9 पर जाम से मिलेगी बड़ी राहत

नोएडा और गाजियाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह खबर बेहद सुकून देने वाली है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 16वीं बोर्ड बैठक में नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद और इंदिरापुरम सिटी सेंटर तक नए मेट्रो स्टेशन और कनेक्टिविटी पर विस्तार से चर्चा हुई है। हालांकि इसकी डीपीआर तैयार है, लेकिन अभी जमीनी स्तर पर काम शुरू होना बाकी है। इस कॉरिडोर के बनने से न केवल दो बड़े शहरों के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि एनएच-9 पर लगने वाले भीषण जाम से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी। यह रूट इस बेल्ट में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों के समय की भी काफी बचत करेगा।

मिलेनियम सिटी के लाखों कर्मचारियों के लिए द्वारका से खेरकीदौला टोल प्लाजा तक सीधा मेट्रो कनेक्शन बनाने की योजना

गुरुग्राम और द्वारका के बीच प्रस्तावित मेट्रो लाइन इस क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देगी। प्रस्तावित योजना के अनुसार, द्वारका से गुरुग्राम होते हुए खेरकीदौला टोल प्लाजा तक मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाना है। यह लाइन साइबर सिटी, नए विकासशील सेक्टरों, ऊंची इमारतों और द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास बसी घनी आबादी को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगी। इससे लाखों ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और आम यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अभी योजना और डीपीआर के स्तर पर है और निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन इसके पूरा होने से मिलेनियम सिटी की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

जीटी रोड बेल्ट पर बस और ट्रक के ट्रैफिक को कम करने के लिए सोनीपत और मुरथल तक मेट्रो ले जाने की तैयारी

दिल्ली से सटे हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की कवायद चल रही है। नई दिल्ली से नरेला, कुंडली होते हुए सोनीपत और मुरथल तक मेट्रो विस्तार का विचार चर्चा के केंद्र में है। इस लाइन का मुख्य उद्देश्य जीटी रोड बेल्ट के औद्योगिक और शैक्षिक हब को सीधे दिल्ली मेट्रो से जोड़ना है। जानकारों का मानना है कि अगर यह लाइन अस्तित्व में आती है, तो मुरथल ढाबा बेल्ट और आसपास के सेक्टरों से बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का उपयोग करेंगे। इससे जीटी रोड पर बसों और ट्रकों के भारी ट्रैफिक को कम करने में भी मदद मिलेगी।

कागजों में उलझी बल्लभगढ़ से पलवल तक की लाइन, सालों पहले हुई घोषणा के बावजूद फाइलों में अटका है निर्माण कार्य

एक तरफ जहां नए कॉरिडोर को मंजूरी मिल रही है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के दक्षिणी हिस्से में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो विस्तार की घोषणा साल 2018-19 में की गई थी और 2023 तक इसका रोडमैप तय होना था, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। फरीदाबाद और पलवल बेल्ट के लिए डीपीआर और पर्यावरण स्वीकृति जैसी जरूरी फाइलें अलग-अलग सरकारी विभागों में अटकी पड़ी हैं। यदि इन फाइलों को प्राथमिकता दी जाए और काम शुरू हो, तो एनसीआर के इस हिस्से की कनेक्टिविटी भी अन्य क्षेत्रों की तरह मजबूत हो सकती है।

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