पश्चिमी दिल्ली के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से खराब सड़कों और जलभराव की समस्या से जूझ रहे इस इलाके के लोगों की परेशानियों का अब जल्द ही अंत होगा। दिल्ली सरकार ने नांगलोई–नजफगढ़ सड़क के सुदृढ़ीकरण और वहां ड्रेनेज सिस्टम (नाले) के निर्माण की अहम परियोजना को मंजूरी दे दी है। सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इस विकास कार्य का शिलान्यास किया गया, जो क्षेत्र की तस्वीर बदलने में मददगार साबित होगा।
नांगलोई–नजफगढ़ सड़क का होगा चौड़ीकरण और कायाकल्प, साहिबी नदी से बेहतर कनेक्शन से खत्म होगी जलभराव की समस्या
इस परियोजना का खाका बहुत ही विस्तृत तरीके से तैयार किया गया है। योजना के अंतर्गत नांगलोई–नजफगढ़ सड़क को चौड़ा किया जाएगा और उसकी गुणवत्ता में सुधार लाया जाएगा, ताकि यातायात सुगम हो सके। इसके साथ ही, ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी बड़ा तकनीकी बदलाव किया जा रहा है। नजफगढ़ (साहिबी नदी) और मंगोलपुरी क्षेत्र से बेहतर आउटफॉल कनेक्शन सुनिश्चित किया जाएगा। इस कदम का सीधा मकसद बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या को जड़ से खत्म करना है, जिससे हर साल होने वाली नारकीय स्थिति से बचा जा सके।
करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से बदलेगी पश्चिमी दिल्ली की सूरत, लाखों लोगों को मिलेगी ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से मुक्ति
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग 64.04 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस भारी-भरकम निवेश का उद्देश्य पश्चिमी दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। परियोजना के पूरा होते ही क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा। सड़क बनने और जलभराव न होने से जहां एक तरफ ट्रैफिक जाम की समस्या सुलझेगी, वहीं दूसरी तरफ वाहनों की लंबी कतारें न लगने से प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। यह परियोजना स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
सितंबर में उपराज्यपाल ने किया था मुंडका और बाहरी इलाकों का दौरा, जर्जर सड़कों को देखकर दिए थे प्राथमिकता पर काम करने के निर्देश
इस विकास कार्य की पृष्ठभूमि कुछ महीने पहले ही तैयार हो गई थी। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस अवसर पर बताया कि उन्होंने सितंबर 2024 में मुंडका, नांगलोई, हैबतपुर, फिरनी रोड और बाहरी दिल्ली के कई अन्य इलाकों का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने पाया था कि कई प्रमुख सड़कों की हालत बेहद खस्ताहाल है और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उस समय की गई समीक्षा के बाद ही इन सभी सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य को प्राथमिकता सूची में डाला गया था, जिस पर अब तेजी से काम शुरू हो गया है।



