दिल्ली में भारी बारिश ने जन-जीवन किया अस्त-व्यस्त, उड़ानों पर भी पड़ा असर
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को तेज बारिश ने रक्षाबंधन के दिन कई इलाकों में भारी जलभराव कर दिया, जिससे राष्ट्रीय राजधानी लगभग ठप हो गई। हालांकि, उड़ानों पर इसका असर न्यूनतम रहा।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूरे दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। दिनभर मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी और मध्य दिल्ली में तेज बारिश के दौर पड़ सकते हैं।
आईजीआई एयरपोर्ट ने यात्रियों को उड़ान में संभावित देरी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी। हवाई अड्डे के अनुसार, मौसम खराब होने के बावजूद फिलहाल उड़ान संचालन सामान्य है।
इंडिगो और स्पाइसजेट ने भी शहर में ट्रैफिक जाम की आशंका को लेकर यात्रियों को सतर्क किया। एक यात्री ने बताया कि तिरुवनंतपुरम से रात 11:45 बजे फ्लाइट लैंड करने के बाद घर (मयूर विहार) पहुंचने में 3 घंटे लगे, जबकि दूरी केवल 25 किमी थी। रास्ते में कई जगह जलभराव और सराय काले खां चौराहे पर घंटों का ट्रैफिक जाम मिला।
कई अंडरपास डूबे
लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी-नमी से राहत मिली। लेकिन कई इलाकों में अंडरपास डूब गए और सड़कें पानी में भर गईं। कनॉट प्लेस, मथुरा रोड और प्रगति मैदान जैसे व्यस्त चौराहों पर भी भारी जलभराव देखने को मिला। इस बीच, यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर के करीब पहुंच रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। प्रगति मैदान में 24 घंटे में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई, जबकि लोधी रोड और सफदरजंग में क्रमशः 80.7 मिमी और 78.7 मिमी बारिश हुई।
रक्षाबंधन और दिनभर बारिश की संभावना के चलते कई जगहों पर भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला। शुक्रवार को भी एनएच-44 और हरियाणा बॉर्डर के पास लंबे जाम लगे थे।
आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है और तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 20 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में हिमाचल में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।





