संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इज़राइल सरकार के एक हालिया फैसले की बहुत कड़ी निंदा (आलोचना) की है। इज़राइल ने ‘वेस्ट बैंक’ के इलाके में 19 नई बस्तियां (Settlements) बनाने और उन्हें कानूनी मान्यता देने का फैसला किया है, जिस पर यूएई ने अपनी गहरी नाराजगी जताई है।
यूएई सरकार का कहना है कि यह कदम पूरे मध्य-पूर्व (Middle East) के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
यहाँ जानिए यूएई ने अपने बयान में क्या कहा है:
1. शांति के लिए बड़ा खतरा यूएई ने साफ कहा है कि इस तरह के फैसले से इलाके में शांति लाने की कोशिशें बर्बाद हो सकती हैं। इससे तनाव और लड़ाई-झगड़ा बढ़ेगा, जो किसी के लिए भी अच्छा नहीं है।

2. अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन यूएई का मानना है कि विवादित जमीन पर नई बस्तियां बनाना ‘अंतरराष्ट्रीय कानून’ (International Law) का खुला उल्लंघन है। दुनिया के नियम इसकी इजाजत नहीं देते।
3. सुरक्षा पर संकट इस फैसले का असर सिर्फ़ इज़राइल और फिलिस्तीन के रिश्तों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता खतरे में पड़ जाएगी।
खबर शोर्ट में
- यूएई ने कड़ी निंदा की है कि इजराइली कैबिनेट ने पश्चिमी तट में 19 बस्तियों को स्थापित और वैध करने की मंजूरी दी है।
- यूएई का कहना है कि यह कदम खतरनाक वृद्धि है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है।
- यह फैसला सीधी तौर पर शांति प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है और क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वे इस स्थिति पर तुरंत ध्यान दें।
- यूएई ने विवाद को हल करने के लिए बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है।
- इस फैसले से स्थानीय लोगों की स्थिति और भी विकट हो सकती है, इसे लेकर चिंता जताई गई है।





