भारत में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के बीच ‘पावर बैंक बैन’ को लेकर काफी चर्चा और असमंजस की स्थिति है। हालांकि, इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपने साथ पावर बैंक नहीं ले जा सकते। नए नियमों के मुताबिक, फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने पर रोक नहीं है, बल्कि उड़ान के दौरान इसके ‘इस्तेमाल’ पर सख्ती बरती गई है। आसान शब्दों में कहें तो अब आप हवा में सफर करते वक्त अपने पावर बैंक से मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप चार्ज नहीं कर सकेंगे।
फ्लाइट के अंदर घोषणा करके यात्रियों को साफ तौर पर बताया जाएगा कि चार्जिंग के लिए पावर बैंक का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित है
एविएशन रेगुलेटर DGCA के नए सुरक्षा मानकों के अनुसार, फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करना या उसे सीट-पावर सॉकेट में लगाकर इस्तेमाल करना प्रतिबंधित कर दिया गया है। एयरलाइंस को अब सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केबिन अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को स्पष्ट रूप से सूचित करें कि उड़ान के दौरान पावर बैंक का प्रयोग अनुमति योग्य नहीं है। यह नियम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है।
चेक-इन बैग में रखने की गलती न करें, केवल हैंड बैग में और वह भी अपनी पहुंच के भीतर रखने के निर्देश दिए गए हैं
यात्रियों को यह ध्यान रखना होगा कि पावर बैंक को केवल हैंड बैगेज (केबिन लगेज) में ही ले जाने की मंजूरी है। चेक-इन लगेज (बड़े बैग जो जमा हो जाते हैं) में इसे रखना पहले से ही मना था, लेकिन अब इस नियम का पालन और कड़ाई से कराया जा रहा है। इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी है कि यात्रियों को पावर बैंक ओवरहेड बिन (सीट के ऊपर वाले लॉकर) में रखने से बचने की सलाह दी गई है। इसके बजाय, इसे सीट के नीचे या सामने वाली सीट की जेब में रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उस तक आसानी से पहुंचा जा सके।
लिथियम-आयन बैटरी से आग लगने और धुएं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया यह सख्त कदम
यह प्रतिबंध लिथियम-आयन बैटरी से जुड़े खतरों को देखते हुए लगाया गया है। भारत और विदेश, दोनों जगह उड़ानों के दौरान पावर बैंक के ओवरहीट होने, उनसे धुआं निकलने या आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। हाल के दिनों में कुछ विमानों में टैक्सींग (उड़ान भरने से पहले जमीन पर चलने) के दौरान पावर बैंक में आग या धुएं के मामले सामने आए थे। भले ही केबिन क्रू ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीर चेतावनी माना है, जिसके बाद यह सख्ती लागू की गई है।
सफर के दौरान डिवाइस गर्म होने या धुआं निकलने पर तुरंत केबिन क्रू को सूचना देना यात्रियों के लिए अनिवार्य किया गया
यात्रियों के लिए जारी अहम गाइडलाइन के मुताबिक, आप पावर बैंक साथ रख सकते हैं, लेकिन उसे ‘ऑन’ नहीं कर सकते। इसके अलावा, अगर उड़ान के दौरान किसी यात्री को अपने डिवाइस या पावर बैंक से अचानक गर्मी महसूस हो, धुआं निकलता दिखे या अजीब गंध आए, तो उन्हें तुरंत केबिन क्रू को सूचित करना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि हमेशा ओरिजिनल और सर्टिफाइड पावर बैंक का ही इस्तेमाल करें और सफर के दौरान उसके पिन (टर्मिनल) को खुला न छोड़ें, बल्कि किसी प्लास्टिक कवर या केस में रखकर ले जाएं।
भविष्य में पावर बैंक की क्षमता और संख्या पर भी लग सकती है सीमा, कई विदेशी एयरलाइंस पहले ही लगा चुकी हैं रोक
आने वाले समय में नियमों में और भी सख्ती देखने को मिल सकती है। संभावना है कि भविष्य में पावर बैंक की क्षमता (mAh/Wh) और प्रति यात्री कितने पावर बैंक ले जाए जा सकते हैं, इस पर भी नए मानक तय किए जाएं। गौरतलब है कि अमीरात (Emirates) और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी कई प्रमुख विदेशी विमानन कंपनियां पहले ही फ्लाइट के अंदर पावर बैंक के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा चुकी हैं। भारत ने भी अब यात्री सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उसी दिशा में कदम बढ़ा दिया है।





