सऊदी अरब में अवैध रूप से रह रहे और काम कर रहे प्रवासियों के खिलाफ प्रशासन की सख़्ती लगातार जारी है। देश में सुरक्षा और कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, अधिकारियों ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 25 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच देश के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 18,805 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारियां रेजीडेंसी, लेबर और बॉर्डर सिक्योरिटी कानूनों के उल्लंघन के आरोप में की गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
रेजीडेंसी, बॉर्डर सिक्योरिटी और लेबर लॉ का उल्लंघन करने वालों की बड़ी तादाद में धरपकड़, आंकड़े हुए जारी
अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में सबसे बड़ी संख्या उन प्रवासियों की है जो रेजीडेंसी लॉ (इकामा) के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। कुल गिरफ्तारियों में से 11,752 लोग अवैध रूप से रहते हुए पाए गए। इसके अलावा, बॉर्डर सिक्योरिटी लॉ का उल्लंघन करने वाले 4,239 लोगों को पकड़ा गया, जिनके पास सीमा पार करने या देश में रहने के लिए वैध दस्तावेज नहीं थे। वहीं, लेबर लॉ यानी श्रम कानूनों को तोड़ने के आरोप में 2,814 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियान सऊदी अरब के लेबर मार्केट रिफॉर्म और सउदीकरण (Saudization) की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।
सीमा पार से अवैध घुसपैठ की कोशिशों में इथियोपियाई और यमनी नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा पाई गई
देश की सीमाओं पर भी सुरक्षा बलों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। रिपोर्ट की अवधि के दौरान, 1,739 लोग अवैध रूप से सऊदी अरब में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़े गए। इन घुसपैठियों में सबसे अधिक 62% नागरिक इथियोपिया के और 37% यमन के थे, जबकि बाकी 1% अन्य देशों के नागरिक थे। इसके विपरीत, 46 लोग ऐसे भी पकड़े गए जो बिना किसी क्लियरेंस या वैध अनुमति के सऊदी अरब से बाहर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसके साथ ही, अवैध प्रवासियों की मदद करने वाले भी रडार पर हैं; अवैध निवासियों को परिवहन, आश्रय (shelter) या रोजगार देने के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
हजारों प्रवासियों को तत्काल उनके देश वापस भेजा गया, जबकि 20 हजार से ज्यादा लोग दस्तावेजों के लिए दूतावास भेजे गए
गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया और निर्वासन (deportation) का काम भी तेजी से चल रहा है। पिछले एक हफ्ते में 12,238 अवैध निवासियों को कार्रवाई पूरी होने के बाद तुरंत उनके देश वापस भेज दिया गया है। वर्तमान में कुल 28,411 प्रवासियों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 26,855 पुरुष और 1,556 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 20,555 लोगों को उनके यात्रा दस्तावेज (travel documents) प्राप्त करने के लिए उनके संबंधित राजनयिक मिशनों या दूतावासों में भेजा गया है, जबकि 3,904 लोगों को उनकी यात्रा की व्यवस्था पूरी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया है।
अवैध प्रवासियों को पनाह, परिवहन या रोजगार देने वालों के खिलाफ 15 साल की कैद और भारी जुर्माने की चेतावनी
प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है कि जो कोई भी अवैध प्रवासियों को देश में घुसने में मदद करेगा, उन्हें परिवहन सुविधा देगा, आश्रय या रोजगार मुहैया कराएगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ऐसे अपराधों के लिए 15 साल तक की कैद और 10 लाख रियाल तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, इस तरह की गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए वाहनों और संपत्ति को जब्त भी किया जा सकता है। मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार के उल्लंघन की सूचना दें। मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत में रहने वाले लोग 911 पर और अन्य क्षेत्रों के लोग 999 या 996 पर कॉल करके रिपोर्ट कर सकते हैं।





