डिजिटल मीडिया की दुनिया में ‘दी लल्लनटॉप’ के संस्थापक संपादक सौरभ द्विवेदी के इस्तीफे की खबर ने उनके दर्शकों और मीडिया जगत को चौंका दिया है। करीब 12 साल तक इस ब्रांड का चेहरा रहने के बाद, सौरभ ने इंडिया टुडे ग्रुप से अलग होने का फैसला किया है। उनके जाने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। एक तरफ प्रबंधन इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहा है, तो दूसरी तरफ उनके आखिरी शो और कुछ विवादित कार्यक्रमों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।
आधिकारिक तौर पर क्या कहा गया है?
सौरभ द्विवेदी और इंडिया टुडे ग्रुप दोनों की तरफ से इस इस्तीफे को काफी सकारात्मक और सामान्य बताया गया है। इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने एक आंतरिक ईमेल में इसे “जनरेशनल ट्रांजिशन” यानी पीढ़ीगत बदलाव कहा है। उन्होंने कहा कि सौरभ एक बेहद प्रतिभावान पत्रकार हैं और वे अब 12 साल बाद नए अवसरों की तलाश में आगे बढ़ रहे हैं।
दूसरी ओर, सौरभ द्विवेदी ने 5 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने नासिर काजमी का एक शेर साझा करते हुए लल्लनटॉप को “मान, पहचान और ज्ञान” देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने किसी भी विवाद का जिक्र नहीं किया, बल्कि इसे एक “स्टडी लीव” या पॉज की तरह बताया है, जिसके बाद वह अपनी नई यात्रा शुरू करेंगे।
‘क्या ईश्वर है?’ शो और विवाद की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स और अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में प्रसारित हुआ शो “Does God Exist?” (क्या ईश्वर है?) चर्चा का एक बड़ा विषय बना हुआ है। इस शो में मशहूर गीतकार जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच तर्क और आस्था को लेकर तीखी बहस हुई थी।
रिसर्च बताती है कि सौरभ द्विवेदी ने अपने नए यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में इस शो का जिक्र भी किया है। अटकलें हैं कि इस शो का कंटेंट और टोन शायद संस्थान के शीर्ष नेतृत्व की नीतियों से पूरी तरह मेल नहीं खा रहा था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
2 जनवरी का आखिरी शो और इंदौर जल संकट
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा सौरभ द्विवेदी के आखिरी ‘लल्लनटॉप शो’ (2 जनवरी 2026) को लेकर है। इस एपिसोड में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और इंदौर में दूषित पानी से हुई 15 मौतों के मामले पर बेहद तीखा और आलोचनात्मक रुख अपनाया गया था। शो में कैलाश विजयवर्गीय जैसे बड़े नेताओं पर सवाल उठाए गए थे।
इसके अलावा, इसी एपिसोड में बीसीसीआई (BCCI) और आईपीएल (IPL) को लेकर भी एक एंगल दिखाया गया था। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता पक्ष और बड़े कॉर्पोरेट के खिलाफ इस तरह की सीधी आलोचना शायद ‘एडिटोरियल फ्रीडम’ को लेकर तनाव का कारण बनी हो सकती है। नीचे दी गई तालिका में आधिकारिक बयान और चर्चाओं का अंतर समझा जा सकता है:
| विषय | आधिकारिक कारण (Official) | मीडिया/सोशल मीडिया कयास (Speculation) |
|---|---|---|
| इस्तीफे की वजह | नई शुरुआत और रचनात्मक अवसर | राजनीतिक और कॉर्पोरेट दबाव |
| संस्थान का रुख | पीढ़ीगत बदलाव (Generational Transition) | आलोचनात्मक पत्रकारिता से असहमति |
| विवादित शो | कोई जिक्र नहीं | ‘Does God Exist’ और इंदौर जल संकट कवरेज |
अब लल्लनटॉप की कमान किसके पास?
सौरभ द्विवेदी के जाने के बाद यह सवाल भी अहम है कि अब ‘दी लल्लनटॉप’ को कौन चलाएगा। इंडिया टुडे ग्रुप ने स्पष्ट कर दिया है कि यह एक सहज बदलाव है और पुरानी टीम ही कमान संभालेगी। जानकारी के मुताबिक, कुलदीप मिश्र (एडिटोरियल) और रजत सेन (प्रोडक्शन) अब नेतृत्व करेंगे।
ये दोनों ही लोग लल्लनटॉप की फाउंडिंग टीम का हिस्सा रहे हैं। प्रबंधन का मानना है कि लीडरशिप का यह बदलाव ब्रांड को नई दिशा में ले जाएगा, हालांकि दर्शकों के लिए सौरभ द्विवेदी के बिना इस प्लेटफॉर्म को देखना एक नया अनुभव होगा।
सौरभ द्विवेदी का अगला कदम क्या होगा?
फिलहाल, सौरभ द्विवेदी ने अपने भविष्य की योजनाओं का पूरा खुलासा नहीं किया है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि एक वरिष्ठ संपादक के रूप में उनका अगला कदम अपना खुद का स्वतंत्र प्लेटफॉर्म शुरू करना हो सकता है। आज के दौर में कई बड़े पत्रकार अपने यूट्यूब चैनल या डिजिटल वेंचर शुरू कर रहे हैं।
इसके अलावा, यह भी संभावना जताई जा रही है कि वे डॉक्यूमेंट्री निर्माण या ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट बनाने की दिशा में जा सकते हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे के बाद “नई जर्नी” का संकेत दिया है, जिसका इंतजार उनके लाखों फॉलोअर्स को रहेगा।
Last Updated: 18 January 2026




