सऊदी अरब ने फिलिस्तीनी लोगों के प्रति अपनी एकजुटता और समर्थन दिखाते हुए एक बड़ी पहल जारी रखी है। सऊदी अरब के राजा सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के निर्देश पर, विशेष रूप से फिलिस्तीनी शहीदों, कैदियों और घायलों के परिजनों को हज करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह पहल ‘कस्टोडियन ऑफ द टू होली मॉस्क गेस्ट्स प्रोग्राम’ (Custodian of the Two Holy Mosques Guests Program) के तहत चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य युद्ध और संघर्ष से प्रभावित फिलिस्तीनी परिवारों को धार्मिक यात्रा में सहायता प्रदान करना है।
2024 में 2,000 फिलिस्तीनियों की मेजबानी
वर्ष 2024 के हज सीजन के दौरान, किंग सलमान ने एक विशेष शाही आदेश जारी किया था। मई 2024 में, उन्होंने गाजा संघर्ष में मारे गए या घायल हुए लोगों के परिवारों से 1,000 फिलिस्तीनी तीर्थयात्रियों (पुरुष और महिला) की मेजबानी का आदेश दिया। इसके बाद जून 2024 में एक और निर्देश आया, जिसमें अतिरिक्त 1,000 लोगों को शामिल किया गया। इस प्रकार, 2024 में कुल 2,000 फिलिस्तीनी नागरिकों को शाही मेहमान के रूप में हज करने का अवसर मिला। यह कदम गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच पीड़ितों को राहत देने के लिए उठाया गया था।
किन लोगों को मिलता है मौका?
यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन फिलिस्तीनियों के लिए डिजाइन किया गया है जो संघर्ष की मार झेल रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से उन लोगों के रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी जाती है जो इजरायल-गाजा संघर्ष में शहीद हुए हैं, घायल हुए हैं या जेलों में बंद हैं। सऊदी सरकार का उद्देश्य इन पीड़ित परिवारों को सम्मान देना और उनकी धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करना है। हाल के वर्षों, जैसे 2024 और 2025 के संदर्भ में, इस कार्यक्रम ने सैकड़ों परिवारों को मक्का और मदीना की यात्रा करने में सक्षम बनाया है।
यात्रा और सुविधाओं का पूरा खर्च
शाही मेहमानों के लिए सऊदी अरब सरकार पूरी यात्रा का खर्च उठाती है। इसमें हवाई यात्रा, रहने की व्यवस्था (आवास), भोजन और परिवहन शामिल है। फिलिस्तीनी तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष मार्ग तय किए जाते हैं। गाजा से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मिस्र के रास्ते और वेस्ट बैंक से आने वालों के लिए जॉर्डन के रास्ते यात्रा की व्यवस्था की जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि उन्हें सीमा पार करने और सऊदी अरब पहुंचने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस्लामिक मामलों के मंत्रालय की भूमिका
इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन और देखरेख सऊदी अरब का ‘इस्लामिक मामलों, दावाह और मार्गदर्शन मंत्रालय’ (Ministry of Islamic Affairs, Dawah, and Guidance) करता है। मंत्रालय यह सुनिश्चित करता है कि शाही आदेश का पालन सुचारू रूप से हो। मदीना और मक्का में तीर्थयात्रियों के आगमन पर उनका स्वागत करने से लेकर उनके अनुष्ठान पूरे होने तक, मंत्रालय की टीमें हर कदम पर सहायता प्रदान करती हैं। इसका उद्देश्य मेहमानों को एक आरामदायक और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है।
मानवीय प्रयासों का हिस्सा
सऊदी अरब द्वारा फिलिस्तीनियों की मेजबानी करना एक बार की घटना नहीं है, बल्कि यह फिलिस्तीनी लोगों के लिए सऊदी अरब के निरंतर मानवीय प्रयासों का हिस्सा है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, यह कार्यक्रम फिलिस्तीनी मुद्दे के प्रति सऊदी नेतृत्व की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 2024 में 1,000 के समूह और बाद में अतिरिक्त संख्या को शामिल करना यह साबित करता है कि कठिन समय में सऊदी अरब फिलिस्तीनी भाई-बहनों के साथ खड़ा है।
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | कस्टोडियन ऑफ द टू होली मॉस्क गेस्ट्स प्रोग्राम |
| मेजबान | किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद |
| लाभार्थी | फिलिस्तीनी शहीदों, कैदियों और घायलों के परिजन |
| 2024 में कुल संख्या | 2,000 तीर्थयात्री (मई और जून के आदेश मिलाकर) |
| आयोजक संस्था | इस्लामिक मामलों का मंत्रालय, सऊदी अरब |
Last Updated: 18 January 2026




