सऊदी अरब ने यमन के अंतरिम राजधानी अदन में हुए एक बड़े हमले की कड़ी निंदा की है। अदन में सुरक्षा अधिकारियों ने ‘जायंट्स ब्रिगेड’ के एक बड़े सैन्य नेता हमदी शुकरी को मारने की कोशिश को नाकाम कर दिया है, लेकिन इस हमले में कुछ लोग मारे गए और कई घायल हो गए।
विस्फोट में 2 की मौत, 5 घायल
अधिकारियों ने बताया कि अदन के उत्तरी इलाके जौला में ‘जायंट्स फोर्सेस’ के दूसरे ब्रिगेड के कमांडर के काफिले पर एक कार बम से हमला हुआ। इस हमले में 2 लोगों की जान चली गई और 5 घायल हो गए। यह ब्रिगेड अदन से कैंपों और हथियारों से लैस लोगों को हटाने का काम कर रही है।
कुछ दिन पहले ही इस ब्रिगेड ने जबल हदीद कैंप को खाली कराकर ‘Facilities Protection Force’ को सौंप दिया था। यह अदन में हथियारों के प्रदर्शन को खत्म करने की योजना का पहला कदम था।
राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के सदस्य अब्दुल रहमान अल-महरमी ने ‘Security Belt Forces’ और इससे जुड़ी इकाइयों का नाम बदलकर ‘National Security Forces’ करने का आदेश दिया है। इसका मकसद सुरक्षा व्यवस्था को एक जैसा बनाना और सुरक्षा सेवाओं को मजबूत करना है।
‘जायंट्स ब्रिगेड’ की भूमिका
- ‘जायंट्स ब्रिगेड’ एक महत्वपूर्ण सैन्य बल है, जिसे सऊदी अरब और UAE का समर्थन मिला हुआ है।
- यह यमन में हौथियों से लड़ने में बहुत अहम है, खासकर शबवा और मारिब जैसे इलाकों में।
अदन में अस्थिरता
अदन को अंतरिम राजधानी बनाया गया है, लेकिन यहां सुरक्षा की समस्या बनी रहती है। पहले भी यहां हमले और अलग-अलग गुटों के बीच लड़ाई होती रही है। इन गुटों को अलग-अलग देशों का समर्थन मिला हुआ है। यह घटना यहां की अस्थिरता को दिखाती है।




