सांख्यिकीविद फहद अल-सईद ने 23 जनवरी 2026 को स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया है कि एल्युमिनियम के बर्तनों में चावल परोसना लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। खास तौर पर जब खाना बहुत ज्यादा गर्म हो और उसमें खट्टी चीजों का इस्तेमाल किया गया हो, तो यह जोखिम और भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ ने क्यों दी यह चेतावनी?
फहद अल-सईद के अनुसार, जब चावल को उच्च तापमान पर एल्युमिनियम के बर्तनों में रखा जाता है, तो धातु के कण खाने में रिसने लगते हैं। यह रिसाव तब और तेज हो जाता है जब खाने में टमाटर या सॉस जैसी अम्लीय (Acidic) चीजें मौजूद होती हैं। लंबे समय तक ऐसे बर्तनों में खाना रहने से जहरीले एल्युमिनियम का खाने में घुलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
किन व्यंजनों में सबसे ज्यादा डर?
विशेषज्ञों ने विशेष रूप से ‘कबसा’ और टमाटर की ग्रेवी वाले चावलों का जिक्र किया है। इन व्यंजनों में खटास और गर्मी दोनों होती है, जो एल्युमिनियम के साथ रसायनिक प्रतिक्रिया को बढ़ा देती है। नीचे दी गई तालिका में जोखिम के कारकों को समझा जा सकता है:
| स्थिति | जोखिम का स्तर |
|---|---|
| सामान्य गर्म चावल | मध्यम |
| टमाटर/खट्टाई वाले चावल (कबसा) | बहुत ज्यादा |
| लंबे समय तक भंडारण | अत्यधिक खतरनाक |
सुरक्षा के लिए क्या हैं नियम?
सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) के मानकों के अनुसार, खाने के संपर्क में आने वाले एल्युमिनियम की शुद्धता 99% या उससे अधिक होनी चाहिए। नियमों के मुताबिक, बर्तनों या फॉयल से किसी भी तरह का हानिकारक रिसाव नहीं होना चाहिए। जानकारों की सलाह है कि गर्म और खट्टे खाने के लिए कांच या सिरेमिक के बर्तनों का उपयोग करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।





