सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने Nitaqat प्रोग्राम का दूसरा चरण आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। इस नए चरण के तहत अगले तीन सालों में प्राइवेट सेक्टर के अंदर 3 लाख 40 हजार अतिरिक्त नौकरियों पर सऊदी नागरिकों को रखने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री अहमद बिन सुलेमान अल-राजही ने इस बात की पुष्टि की है और इसे विजन 2030 का अहम हिस्सा बताया है।
Nitaqat का नया फेज क्या है?
यह प्रोग्राम 2026 से 2028 तक तीन साल के लिए चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को प्राइवेट सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाना है। इससे पहले हुए फेज-1 में भी 3 लाख 40 हजार का लक्ष्य था, लेकिन सरकार ने 5 लाख 50 हजार से ज्यादा नौकरियां सऊदी लोगों को दी थीं। अब दूसरे फेज में भी सख्ती से नियमों का पालन कराया जाएगा।
किन नौकरियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
नए नियमों के मुताबिक मार्केटिंग और सेल्स जैसे प्रोफेशन में सउदीकरण (Saudization) पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए 60% लोकलाइजेशन का नियम रखा गया है। इसके अलावा इंजीनियरिंग से जुड़े कामों में भी नए नियम लागू हैं, जिसमें कम से कम 8000 रियाल सैलरी और 30% कोटा जैसी शर्तें पहले ही चर्चा में रही हैं।
कंपनियों की निगरानी कैसे होगी?
सरकार Qiwa प्लेटफॉर्म के जरिए सभी प्राइवेट कंपनियों पर नजर रखेगी। कंपनियों को उनके सउदीकरण के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बाटा गया है:
| कैटेगरी (Band) | स्थिति |
| Platinum | सबसे बेहतर अनुपालन |
| High/Medium Green | नियमों का पालन कर रही हैं |
| Red | खतरे की घंटी (वीजा और अन्य सुविधाएं बंद) |
जो कंपनियां रेड जोन में जाएंगी, उन्हें परमिट रिन्यूअल और नए वीजा जैसी सुविधाओं में दिक्कत आ सकती है।




