सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने पोलैंड की राजधानी वारसॉ का आधिकारिक दौरा किया है। सोमवार को उन्होंने पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की के साथ मुलाकात की और दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना है।
सऊदी-पोलिश समन्वय परिषद का गठन
इस दौरे के दौरान सबसे अहम फैसला सऊदी-पोलिश समन्वय परिषद (Saudi-Polish Coordination Council) की स्थापना करना रहा। सोमवार, 26 जनवरी 2026 को दोनों विदेश मंत्रियों ने इस परिषद को बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। सऊदी कैबिनेट ने जनवरी 2024 में ही इस परिषद को मंजूरी दे दी थी, जिसे अब आधिकारिक रूप से लागू किया गया है। यह परिषद दोनों देशों के बीच सुरक्षा, निवेश और राजनीति के क्षेत्र में काम करेगी।
8 बिलियन डॉलर का व्यापार
सऊदी अरब और पोलैंड के बीच व्यापार का आंकड़ा काफी बड़ा हो चुका है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार लगभग 8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सऊदी अरब द्वारा भेजे जाने वाले तेल का है।
| विवरण | राशि (USD) |
|---|---|
| सऊदी निर्यात (मुख्य रूप से तेल) | 7.66 बिलियन डॉलर |
| पोलिश निर्यात (कृषि, मशीनरी) | 1 बिलियन डॉलर तक |
| कुल व्यापार | 8 बिलियन डॉलर |
सऊदी अरामको और ऊर्जा सुरक्षा
पोलैंड अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब रूस पर निर्भरता कम कर रहा है और सऊदी अरब की तरफ देख रहा है। यही कारण है कि व्यापार में इतनी बढ़ोतरी हुई है। सऊदी अरामको पोलैंड को कच्चा तेल सप्लाई करने वाली मुख्य कंपनी बन गई है। यह समझौता भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा को और भी मजबूत करेगा।
गाजा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
व्यापार के अलावा दोनों नेताओं ने गाजा में चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी बात की। बैठक में दो-राज्य समाधान (Two-State Solution) और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों देशों ने एक-दूसरे के नजरिए को समझा। यह यात्रा मध्य यूरोप में सऊदी अरब की पकड़ को और मजबूत बनाती है।




