भारत के पश्चिम बंगाल में Nipah Virus के फैलने की खबर है। यहाँ अब तक 5 मामले सामने आए हैं, जिनमें स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। इसके चलते करीब 100 लोगों को क्वारंटीन किया गया है और थाईलैंड, नेपाल और ताइवान जैसे देशों में हवाई अड्डों पर यात्रियों की जाँच शुरू हो गई है।
Nipah Virus के पहले मामले कब मिले?
Nipah Virus के पहले मामले 13 जनवरी 2026 के आस-पास सामने आए। कोलकाता के पास बारासात के एक प्राइवेट अस्पताल की दो नर्सों में यह वायरस मिला। इसके बाद 19 से 22 जनवरी 2026 के बीच तीन और मामले मिले, जिनमें एक डॉक्टर, एक नर्स और एक स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
किन देशों में हवाई अड्डों पर जाँच हो रही है?
थाईलैंड के हवाई अड्डों (Suvarnabhumi, Don Mueang, Phuket) पर 25 जनवरी 2026 से स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। नेपाल और ताइवान में भी यात्रियों की जाँच हो रही है। इन देशों में पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों में बुखार या अन्य लक्षण देखने पर क्वारंटीन में भेजा जा रहा है।
Nipah Virus के लिए क्या नियम हैं?
उच्च-जोखिम वाले संपर्क में आए लोगों को 21 दिनों तक घर पर अलग रखा जाएगा और दिन में दो बार जाँच की जाएगी। लक्षण वाले मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। Nipah Virus का पता लगाने के लिए RT-PCR टेस्ट किया जाता है। मरीज़ को दो निगेटिव टेस्ट आने के बाद ही अस्पताल से छुट्टी मिलती है, फिर 90 दिनों तक निगरानी ज़रूरी है।
Nipah Virus का इलाज और बचाव कैसे करें?
स्वास्थ्यकर्मी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन या पक्का इलाज अभी नहीं है। लक्षणों के आधार पर मरीज़ों का इलाज किया जाता है और कुछ प्रायोगिक एंटीवायरल दवाएँ भी दी जा सकती हैं।
ताज़ा जानकारी क्या है?
26 जनवरी 2026 तक, 5 मामलों की पुष्टि हुई है और लगभग 100 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। पिछले 24 घंटे में कोई नया मामला या मौत दर्ज नहीं हुई है। ताइवान ने इसे Category 5 बीमारी में रखने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें 60 दिनों की समीक्षा होगी। नेपाल भी अपनी सीमाओं और हवाई अड्डों पर जाँच बढ़ा रहा है।




