रूस और चीन के रक्षा मंत्रालयों ने वेनेजुएला और ईरान में चल रही घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। दोनों महाशक्तियों ने सुरक्षा स्थिति का निरंतर विश्लेषण करने और आवश्यक कदम उठाने के लिए रणनीतिक समन्वय बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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रूस और चीन के बीच क्या समझौता हुआ?
रूस के रक्षा मंत्री Andrei Belousov और चीन के रक्षा मंत्री Dong Jun के बीच 27 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उच्च स्तरीय बातचीत हुई। इसमें दोनों देशों ने ईरान और वेनेजुएला की सुरक्षा के लिए एक साथ मिलकर काम करने और सैन्य सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। चीन ने सुरक्षा समन्वय तंत्र में सुधार करने की बात कही है।
वेनेजुएला में अमेरिका की क्या भूमिका रही?
अमेरिका ने जनवरी 2026 की शुरुआत में Operation Absolute Resolve के तहत निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था। वर्तमान में Delcy Rodríguez वहां की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रही हैं। रूस और ईरान ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2 का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। चीन ने इस अमेरिकी कार्रवाई को अवैध और दादागिरी करार दिया है।
ईरान और वेनेजुएला के बीच वित्तीय स्थिति कैसी है?
बढ़ती अस्थिरता के कारण ईरान ने वेनेजुएला से लगभग 2 अरब डॉलर का फंड निकाल लिया है। चीन वर्तमान में वेनेजुएला के तेल उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा खरीद रहा है जो लगभग 6,42,000 बैरल प्रतिदिन है। वेनेजुएला पर चीन के नीतिगत बैंकों का कम से कम 10 अरब डॉलर का कर्ज अभी भी बकाया है।
महत्वपूर्ण सैन्य और आर्थिक आंकड़े
| विषय | विवरण |
|---|---|
| तेल खरीद | चीन द्वारा 75 प्रतिशत आयात |
| ईरान का फंड | 2 अरब डॉलर वापस लिया गया |
| चीन का कर्ज | 10 अरब डॉलर बकाया |
| रक्षा प्रणाली | S-300VM और Buk-M2E (रूसी निर्मित) |
वेनेजुएला की सैन्य सुरक्षा की क्या स्थिति है?
वेनेजुएला की हवाई सुरक्षा मुख्य रूप से रूस निर्मित S-300VM और Buk-M2E सिस्टम पर निर्भर है। जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान ये सिस्टम प्रभावी साबित नहीं हुए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए रूस और चीन के रक्षा मंत्रालय अब सुरक्षा स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि भविष्य की कार्रवाई तय की जा सके।




