ईरान में पिछले दिनों हुए भारी विरोध प्रदर्शन के बाद अब सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 29 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर आदेश दिया है कि उन सभी लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं जिनकी जान इस दौरान गई है। यह जानकारी राष्ट्रपति कार्यालय के संचार विभाग द्वारा दी गई है।
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सरकारी आंकड़ा और विपक्ष के दावों में अंतर
ईरान सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में बहुत बड़ा फर्क देखने को मिल रहा है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर 3,117 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इसमें सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। हालांकि, बाहरी एजेंसियां और मानवाधिकार समूह अलग ही संख्या बता रहे हैं।
| सरकारी आंकड़ा | 3,117 मौतें |
| Iran International (विपक्ष) | 36,500+ मौतें |
| संयुक्त राष्ट्र (UN) | 5,000 से 20,000+ |
| NCRI (वेरीफाइड नाम) | 543+ नाम जारी |
शव सौंपने के बदले पैसे और कड़े नियम
रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतकों के परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है। खबर है कि कई जगहों पर परिवारों से शव वापस लेने के लिए पैसे मांगे गए। यह राशि 5,000 डॉलर से लेकर 20,000 डॉलर तक बताई जा रही है।
प्रशासन ने कई परिवारों से यह लिखवाया है कि उनके परिजनों की मौत सुरक्षाबलों की गोली से नहीं बल्कि दंगाइयों के कारण हुई है। अंतिम संस्कार को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए थे। भीड़ इकट्ठा न हो, इसलिए कई शवों को सुबह 5 बजे ही चुपचाप दफना दिया गया और मीडिया को इस बारे में रिपोर्टिंग करने से रोका गया है।




