UAE-Pakistan Meeting: एयरपोर्ट डील रद्द होने के बाद राष्ट्रपति ज़रदारी की शेख मोहम्मद से मुलाक़ात, निवेश पर चर्चा
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने यूएई की अपनी यात्रा के दौरान वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। यह मुलाकातें ऐसे समय में हुई हैं जब यूएई ने इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मैनेजमेंट सौदे से हाथ पीछे खींच लिए हैं। इन बैठकों का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को फिर से मजबूत करना और निवेश के नए रास्ते खोलना है।
इन मुलाकातों का मुख्य एजेंडा क्या था
दुबई में हुई इस बैठक में राष्ट्रपति ज़रदारी ने यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भी चर्चा की थी। इन बैठकों में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर बात हुई। दोनों देशों के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA को लेकर भी बातचीत चल रही है।
पाकिस्तान इस दौरे से क्या हासिल करना चाहता है
- निवेश बढ़ाना: पाकिस्तान चाहता है कि यूएई उसके बंदरगाहों, बुनियादी ढांचे और आईटी क्षेत्र में पैसा लगाए।
- हवाई अड्डा सौदा: अगस्त 2025 से चल रहे एयरपोर्ट सौदे के टूटने के बाद पाकिस्तान अब अन्य क्षेत्रों में सहयोग तलाश रहा है।
- आर्थिक सुधार: राष्ट्रपति ने यूएई को पाकिस्तान में हो रहे निजीकरण और निवेश की नई सुविधाओं के बारे में बताया।
- प्रवासी भारतीय: यूएई में रहने वाले पाकिस्तानी प्रवासियों द्वारा भेजे जाने वाले फंड और व्यापारिक रिश्तों को स्थिर रखना भी एक बड़ा उद्देश्य है।
द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत का असर
यूएई पाकिस्तान का एक बड़ा व्यापारिक साझीदार है। एयरपोर्ट डील रद्द होने को कुछ लोग क्षेत्रीय बदलावों से जोड़कर देख रहे थे, लेकिन इन बैठकों से पाकिस्तान ने तनाव कम करने की कोशिश की है। शेख मोहम्मद ने पाकिस्तान के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की बात कही है। पाकिस्तान अब दुबई के विकास के अनुभव का फायदा उठाकर अपने यहाँ डिजिटल और वित्तीय सेवाओं को बेहतर बनाना चाहता है।





