West Bengal में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि होने के बाद इंडोनेशिया सरकार ने अपनी सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है। वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत से आने वाले यात्रियों पर नजर रखने के लिए हवाई अड्डों पर थर्मल स्कैनर्स तैनात कर दिए हैं। यह कदम वायरस को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और संक्रमण का खतरा कम हो।
West Bengal में मिले मामलों की जानकारी
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक West Bengal के North 24 Parganas जिले में दो नर्सों को निपाह वायरस से संक्रमित पाया गया है। बारासात के एक निजी अस्पताल में काम करने वाली इन दोनों महिलाओं की उम्र 25 साल है। इनमें बीमारी के लक्षण दिसंबर के अंत में दिखने शुरू हुए थे जिसके बाद पुणे के लैब ने संक्रमण की पुष्टि की।
राहत की बात यह है कि WHO की रिपोर्ट के अनुसार इन मरीजों के संपर्क में आए 196 लोगों की जांच की गई थी। इन सभी संपर्कों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जिससे बड़े पैमाने पर फैलाव का खतरा फिलहाल कम है। भारत सरकार ने इस बारे में जनवरी के अंत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानकारी साझा की थी।
इंडोनेशिया जाने वालों के लिए क्या हैं नए नियम?
इंडोनेशिया ने Bali और Jakarta जैसे मुख्य हवाई अड्डों पर जांच प्रक्रिया सख्त कर दी है। वहां जाने वाले सभी यात्रियों को अब आने से पहले Olimnesia प्लेटफॉर्म या SATUSEHAT पास के जरिए हेल्थ डिक्लेरेशन भरना जरूरी है। एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग और विजुअल चेक के जरिए यात्रियों की सेहत पर नजर रखी जा रही है।
- अगर किसी यात्री में बुखार, सिरदर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत अस्पताल भेजा जाएगा।
- इंडोनेशिया ने प्रभावित इलाकों से चमगादड़, सूअर और घोड़ों के आयात पर भी रोक लगा दी है।
- स्वास्थ्य मंत्री ने पुष्टि की है कि इंडोनेशिया में अभी निपाह वायरस का कोई मामला नहीं है।
क्या जांच के लिए देना होगा कोई शुल्क?
इंडोनेशिया सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट पर होने वाली थर्मल स्कैनिंग और शुरुआती जांच पूरी तरह मुफ्त है। यात्रियों को इसके लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। हालांकि, यात्रा का इतिहास सही बताना अनिवार्य है।
अगर किसी ने पिछले 21 दिनों में West Bengal की यात्रा की जानकारी छिपाई तो उसे क्वारंटीन किया जा सकता है या एंट्री रोकी जा सकती है। अगर कोई यात्री बीमार पाया जाता है तो अस्पताल और इलाज का खर्च उसके हेल्थ इंश्योरेंस या व्यक्तिगत खर्चे पर निर्भर करेगा।




