लंदन हाईकोर्ट ने सऊदी अरब के खिलाफ एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सऊदी सरकार को आदेश दिया है कि वे लंदन में रहने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ता घानम अल-मसारीर को 30 लाख पाउंड से ज्यादा का हर्जाना दें। यह फैसला पेगासस स्पायवेयर के जरिए जासूसी करने और उत्पीड़न के मामले में आया है। जज ने माना कि इस घटना से पीड़ित को भारी नुकसान हुआ है।
कोर्ट ने सऊदी अरब पर क्यों लगाया जुर्माना?
घानम अल-मसारीर ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने इजरायली स्पायवेयर पेगासस का इस्तेमाल करके उनके फोन को हैक किया था। इसके अलावा 2018 में उन पर लंदन में शारीरिक हमला भी हुआ था। कोर्ट ने पाया कि सऊदी अरब ने निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया। जज ने कहा कि सऊदी सरकार ने इस केस में अपना बचाव करना बंद कर दिया था, जिसके बाद यह फैसला सुनाया गया है।
हर्जाने में कितनी रकम किसलिए मिल रही है?
कोर्ट ने कुल मिलाकर 30 लाख पाउंड (3 Million Pounds) की रकम तय की है। इसमें अलग-अलग नुकसान की भरपाई शामिल है। वकीलों के मुताबिक अगर सऊदी सरकार यह पैसा नहीं देती है, तो विदेश में मौजूद उनकी संपत्ति पर कार्रवाई की जा सकती है।
- कमाई का नुकसान: लगभग 25 लाख पाउंड की रकम उनके यूट्यूब करियर के नुकसान के बदले दी गई है।
- मानसिक परेशानी: डिप्रेशन और मानसिक तनाव के लिए करीब 1 लाख पाउंड तय किए गए हैं।
- कानूनी खर्च: सऊदी अरब को इस पूरे केस का कानूनी खर्च भी उठाना होगा।




