Saudi Arabia Iqama Update: सऊदी अरब ने इंडस्ट्रियल वर्कर को दी बड़ी राहत, इकामा फीस को लेकर आया नया फरमान
सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों, खासकर इंडस्ट्रियल सेक्टर (Industrial Sector) से जुड़े लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने लाइसेंस प्राप्त औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले प्रवासी कर्मचारियों के लिए फाइनेंशियल लेवी (Financial Levy) को माफ करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। यह फैसला पहले एक अस्थायी छूट के तौर पर चल रहा था, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है। 31 जनवरी 2026 तक इस फैसले का असर साफ दिखने लगा है और कंपनियों को अपने कर्मचारियों के इकामा रिन्यूअल में बड़ी बचत हो रही है।
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क्या है फीस माफ़ी का पूरा गणित?
सऊदी अरब में इकामा रिन्यूअल के लिए पासपोर्ट विभाग (Jawazat) की फीस लगभग 650 रियाल सालाना होती है। लेकिन इसके अलावा कंपनियों को ‘एक्स्पैट लेवी’ के तौर पर हर कर्मचारी के लिए हर महीने करीब 800 रियाल देने पड़ते थे। इंडस्ट्रियल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने औद्योगिक लाइसेंस वाली कंपनियों को इस भारी भरकम लेवी से छूट दे दी है।
- बेस फीस: 650 रियाल (सालाना) जो देनी होगी।
- लेवी फीस: इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए माफ कर दी गई है।
- फायदा: कंपनियों का खर्च कम होगा जिससे नौकरी सुरक्षित रहेगी।
किन लोगों को मिलेगा इस नियम का फायदा
यह छूट सभी प्रवासियों के लिए नहीं है। इसका लाभ केवल उन फैक्ट्रियों या कंपनियों को मिलेगा जिनके पास वैध ‘औद्योगिक लाइसेंस’ (Industrial License) है। सऊदी उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय ने साफ किया है कि इस कदम का मकसद देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना है। अगर आप किसी ऐसी कंपनी में काम करते हैं जो इंडस्ट्रियल कैटेगरी में आती है, तो आपके इकामा रिन्यूअल पर कंपनी को भारी टैक्स नहीं देना होगा।
विज़न 2030 और फैक्ट्रियों की बढ़ती संख्या
सऊदी अरब अपने ‘विज़न 2030’ के तहत तेल पर निर्भरता कम करके एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनना चाहता है। उद्योग मंत्री बंदर अल-खोरयेफ के मुताबिक, जब से यह छूट शुरू हुई है, तब से देश में कारखानों की संख्या में भारी उछाल आया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2019 में जहां 8,822 कारखाने थे, वहीं अब इनकी संख्या 12,000 के पार हो गई है। सरकार का यह कदम कंपनियों की लागत कम करने और विदेशी निवेश खींचने के लिए उठाया गया है, जिसका सीधा फायदा वहां काम करने वाले मजदूरों की स्थिरता पर पड़ेगा।





