सऊदी अरब: अब भारतीय भी खरीद सकेंगे शेयर, 500 मिलियन डॉलर की शर्त खत्म
सऊदी अरब के शेयर बाजार में निवेश करने की चाह रखने वाले विदेशी निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। सऊदी अरब ने अपने शेयर बाजार (Tadawul) के दरवाजे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए और अधिक चौड़े कर दिए हैं। अब विदेशी निवेशकों के लिए सऊदी कंपनियों के शेयर खरीदना बेहद आसान हो गया है, क्योंकि वहां के बाजार नियामक ने निवेश के लिए जरूरी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) की बड़ी शर्त को हटा दिया है। यह फैसला सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने और विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
50 करोड़ डॉलर की संपत्ति के प्रबंधन की अनिवार्य शर्त को हटाकर सऊदी अरब ने विदेशी पूंजी के लिए पूरी तरह खोले अपने दरवाजे
इस नए फैसले से पहले, विदेशी वित्तीय संस्थानों को ‘क्वालिफाइड फॉरेन इन्वेस्टर’ (QFI) के रूप में पंजीकृत होने के लिए यह साबित करना होता था कि उनके पास प्रबंधन के लिए कम से कम 500 मिलियन डॉलर (करीब 50 करोड़ डॉलर) की संपत्ति है। यह एक बड़ी बाधा थी, जिसके कारण कई छोटे और मंझोले विदेशी निवेशक चाहकर भी सऊदी बाजार में सीधा निवेश नहीं कर पाते थे। अब इस शर्त के हट जाने से हजारों नए विदेशी फंड्स और निवेश कंपनियां सऊदी अरब के शेयर बाजार में पैसा लगा सकेंगी। इससे बाजार में न केवल पैसा बढ़ेगा, बल्कि शेयरों की खरीद-फरोख्त में भी तेजी आएगी।
सऊदी विजन 2030 के तहत अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और बाजार में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
सऊदी अरब का यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के ‘विजन 2030’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस विजन का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था की निर्भरता को कच्चे तेल से कम करना और वित्तीय क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। नियमों में इस ढील से सऊदी शेयर बाजार दुनिया के अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले ज्यादा आकर्षक बन जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब प्रवेश के नियम आसान होते हैं, तो विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ता है, जिससे स्थानीय कंपनियों को विस्तार के लिए आसानी से पूंजी मिल पाती है और देश के वित्तीय ढांचे में पारदर्शिता आती है।
खाड़ी देशों के बाजारों में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, अब छोटे और मंझोले विदेशी संस्थानों को भी मिलेगा सऊदी कंपनियों में हिस्सेदारी का मौका
इस कदम से खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) के शेयर बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है। सऊदी अरब का शेयर बाजार पहले से ही इस क्षेत्र का सबसे बड़ा बाजार है, और अब नियमों के आसान होने से इसका दबदबा और बढ़ेगा। अब तक जो विदेशी निवेशक ‘स्वैप एग्रीमेंट’ के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से निवेश करने को मजबूर थे, वे अब सीधे तौर पर बाजार में उतर सकेंगे। इससे न केवल बैंकिंग और पेट्रोकेमिकल सेक्टर, बल्कि पर्यटन, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सऊदी कंपनियों में भी विदेशी हिस्सेदारी बढ़ने के आसार हैं। यह सुधार अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को यह संदेश देता है कि सऊदी अरब निवेश के लिए पूरी तरह तैयार और खुला है।