पाकिस्तान में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे भीषण और बड़ा अभियान छेड़ दिया है। देश में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात और बढ़ते आतंकी हमलों के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने पिछले 40 घंटों के भीतर एक जोरदार कार्रवाई करते हुए 145 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया है। सेना की इस आक्रामक कार्रवाई ने आतंकी संगठनों की कमर तोड़कर रख दी है। इतनी बड़ी संख्या में आतंकियों के सफाए के बाद पूरे बलूचिस्तान प्रांत में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है।

आतंकियों के बढ़ते हमलों के बाद सेना ने अपनाया कड़ा रुख, खुफिया इनपुट के आधार पर ठिकानों का किया जा रहा है सफाया

यह कार्रवाई हाल के दिनों में पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर बलूचिस्तान में हुए आतंकी हमलों का सीधा और कड़ा जवाब मानी जा रही है। सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के गुप्त ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्टों के मुताबिक, सेना ने सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन लॉन्च किया, जिसमें भारी हथियारों और हवाई मदद का भी सहारा लिया गया। सेना का लक्ष्य उन इलाकों को आतंकियों से मुक्त कराना है जहां उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। इस ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों में कई स्थानीय कमांडर भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो पिछले कई महीनों से सुरक्षा बलों पर हमलों की योजना बना रहे थे।

बलूचिस्तान में चप्पे-चप्पे पर बढ़ाई गई सुरक्षा, जवाबी हमलों के डर से हाई अलर्ट के बीच सड़कों पर सन्नाटा

सेना के इस बड़े एक्शन के बाद प्रतिक्रियास्वरूप आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए बलूचिस्तान में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रांतीय सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। प्रमुख सरकारी इमारतों, पुलिस स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले बाजारों के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी है। सड़कों पर वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है और कई इलाकों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। 145 आतंकियों के मारे जाने की खबर ने जहां प्रशासन को थोड़ी राहत दी है, वहीं आम जनता में एक बड़े खूनी संघर्ष का डर भी पैदा कर दिया है।

आर्थिक संकट के बीच गृहयुद्ध जैसे बनते हालात, आतंकवाद से निपटने में छूट रहे हैं पाकिस्तान के पसीने

एक तरफ पाकिस्तान अपनी बदहाल अर्थव्यवस्था और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है, तो दूसरी तरफ देश के भीतर पनप रहे आतंकवाद ने सरकार की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। 40 घंटे में 145 लोगों का मारा जाना यह दर्शाता है कि वहां आंतरिक सुरक्षा की स्थिति किस कदर विस्फोटक हो चुकी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह लड़ाई अब एक लंबे गृहयुद्ध की ओर बढ़ रही है। सेना द्वारा चलाया जा रहा यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां या एनकाउंटर देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, बलूचिस्तान में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

GulfHindi Desk

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