सऊदी शेयर बाजार: अब भारतीय भी खरीद सकेंगे शेयर, 500 मिलियन डॉलर वाली शर्त खत्म
सऊदी अरब के शेयर बाजार यानी तदावुल (Tadawul) में रविवार, 1 फरवरी 2026 से एक नए युग की शुरुआत हो गई है। विदेशी निवेशकों के लिए बाजार के दरवाजे अब पूरी तरह से खोल दिए गए हैं। सऊदी कैपिटल मार्केट अथॉरिटी द्वारा उठाए गए इस कदम का मकसद अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करना और देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक उदार बनाना है। इस फैसले के बाद अब दुनिया भर के निवेशक सऊदी अरब की दिग्गज कंपनियों में आसानी से हिस्सेदारी खरीद सकेंगे, जिसके लिए वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
विदेशी निवेशकों के रास्ते में अब नहीं आएगी पूंजी की बाधा, 500 मिलियन डॉलर की संपत्ति रखने वाली पुरानी और सख्त शर्त को किया गया पूरी तरह खत्म
इस बदलाव में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब क्वालिफाइड फॉरेन इनवेस्टर (QFI) बनने के लिए जो वित्तीय बाधाएं थीं, उन्हें हटा दिया गया है। पहले नियम बेहद सख्त थे, जिसके तहत केवल उन्हीं विदेशी वित्तीय संस्थानों को सऊदी शेयर बाजार में निवेश की अनुमति थी, जिनके पास प्रबंधन के तहत कम से कम 500 मिलियन डॉलर (प्रबंधित संपत्ति) की राशि होती थी। इस भारी-भरकम शर्त के कारण कई मंझोले और छोटे विदेशी संस्थान चाहकर भी सऊदी मार्केट में पैसा नहीं लगा पाते थे। अब इस शर्त के हटते ही निवेश का दायरा बहुत बड़ा हो गया है।
सऊदी विजन 2030 के तहत अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की तैयारी, तेल के अलावा अन्य सेक्टर्स में विदेशी निवेश बढ़ाने पर सरकार का पूरा जोर
शेयर बाजार के नियमों में यह ढील सऊदी अरब के महत्वाकांक्षी ‘विजन 2030’ का एक अहम हिस्सा है। सऊदी सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को केवल तेल निर्यात पर निर्भर नहीं रखना चाहती, बल्कि वह वित्तीय सेवाओं और निवेश का एक ग्लोबल हब बनना चाहती है। बाजार को पूरी तरह से खोलने से विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे सऊदी अरब की इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी कंपनियों को विस्तार के लिए आवश्यक फंड मिल सकेगा। जानकारों का मानना है कि इस कदम से बाजार में लिक्विडिटी (नकदी का प्रवाह) काफी बढ़ जाएगी।
ग्लोबल मार्केट में सऊदी एक्सचेंज की बढ़ेगी साख, दुनिया भर के फंड हाउस और व्यक्तिगत निवेशकों के लिए खुले निवेश के सुनहरे अवसर
तदावुल, जो कि मध्य पूर्व का सबसे बड़ा शेयर बाजार है, अब विकसित बाजारों की तर्ज पर काम करेगा। 500 मिलियन डॉलर की शर्त हटने से न केवल बड़े फंड हाउस, बल्कि अब अन्य विदेशी संस्थागत निवेशक भी सीधे तौर पर सऊदी अरामको जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के शेयर खरीद-बेच सकेंगे। यह फैसला सऊदी अरब के शेयर बाजार को अंतरराष्ट्रीय मानकों के और करीब ले आया है, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।