Kuwait Airport पर बड़ा फैसला, अब सिर्फ Kuwait Airways संभालेगी कमान, 22 साल बाद प्राइवेट कंपनियों की छुट्टी
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब बड़ा बदलाव हो चुका है। सरकार ने फैसला लिया है कि अब सिर्फ Kuwait Airways ही वहां ग्राउंड हैंडलिंग का पूरा काम देखेगी। इससे पहले वहां Menzies Aviation और NAS जैसी प्राइवेट कंपनियां काम करती थीं, लेकिन अब उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। यह फैसला 31 जनवरी 2026 से पूरी तरह लागू हो गया है और सारा कामकाज सरकारी एयरलाइन को सौंप दिया गया है।
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आखिर क्या बदला है एयरपोर्ट पर?
Public Authority for Civil Aviation (PACA) ने यह आदेश जारी किया है। इसके तहत ग्राउंड सर्विसेज का पूरा जिम्मा अब सरकारी एयरलाइन यानी Kuwait Airways के पास है। पहले वहां कई कंपनियां मिलकर काम करती थीं, जिससे प्रतियोगिता बनी रहती थी, लेकिन अब यह सिस्टम खत्म कर दिया गया है।
31 जनवरी को प्राइवेट कंपनियों का काम आधिकारिक तौर पर बंद हो गया। Menzies Aviation और NAS जैसी कंपनियों ने अपना बोरिया-बिस्तर समेट लिया है। अब यात्रियों के सामान से लेकर विमानों की देखरेख तक का सारा कंट्रोल कुवैत एयरवेज की टीमों ने संभाल लिया है।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
इस फैसले के पीछे सरकार की 20 साल की लंबी योजना है। इसका मुख्य मकसद एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाना और वहां की सेवाओं को आधुनिक बनाना है। सरकार ने इसके लिए चार मुख्य कारण बताए हैं:
- इंफ्रास्ट्रक्चर: एयरपोर्ट को नया और बेहतर बनाना ताकि ज्यादा फ्लाइट्स आ सकें।
- नौकरी: कुवैत के नागरिकों को एविएशन सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा तकनीकी काम सिखाना और रोजगार देना।
- कमाई: ग्राउंड हैंडलिंग से होने वाली कमाई अब किसी प्राइवेट कंपनी के बजाय सीधे देश के खाते में आएगी।
- ग्लोबल स्टैंडर्ड: अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा और नेविगेशन तकनीक को अपनाना।
पुराने कॉन्ट्रैक्ट और कंपनियों का क्या हुआ?
Menzies Aviation और NAS जैसी कंपनियां वहां करीब 22 साल से काम कर रही थीं। पिछला कॉन्ट्रैक्ट जो Menzies ने जीता था, वह करीब 200 मिलियन दीनार (लगभग 650 मिलियन डॉलर) का था। सरकार ने अब इस कमाई के रास्ते को कुवैत एयरवेज की तरफ मोड़ दिया है।
यात्रियों के लिए भी कुछ अपडेट हैं। कुवैत एयरवेज ने हाल ही में इकोनॉमी क्लास की उड़ानों पर 15% छूट का भी ऐलान किया था। अब देखना होगा कि एक ही कंपनी के हाथ में सब कुछ होने से सर्विस की गुणवत्ता पर क्या असर पड़ता है।




