16वां वित्त आयोग: राज्यों को 41% टैक्स शेयर बरकरार, लेकिन अनुदान, उधारी और अनुशासन में बड़े बदलाव
भारतीय संघीय वित्तीय ढांचे में एक बड़ा लेकिन संतुलित बदलाव करते हुए 16वें वित्त आयोग (FY2027–FY2031) ने राज्यों के लिए केंद्र के करों में 41% हिस्सेदारी को बरकरार रखा है। हालांकि, राज्यों के बीच टैक्स बंटवारे के मानदंड, अनुदान संरचना, उधारी सीमा और ऑफ-बजट फाइनेंसिंग को लेकर आयोग ने कई सख्त और दूरगामी सिफारिशें की हैं।
ICRA द्वारा जारी विश्लेषण के अनुसार, यह आयोग राज्यों को अधिक पूंजीगत निवेश (Capex) की ओर प्रेरित करता है, जबकि बिना शर्त रेवेन्यू सपोर्ट से स्पष्ट दूरी बनाता है।
टैक्स डिवोल्यूशन: 41% हिस्सा यथावत, ट्रांसफर बढ़ेगा
16वें वित्त आयोग ने Government of India के divisible pool से राज्यों को मिलने वाला हिस्सा 41% पर ही रखा है, जो 15वें वित्त आयोग के समान है।
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FY2027 (BE) में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को ₹15.3 लाख करोड़ का टैक्स ट्रांसफर अनुमानित है
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FY2026 (RE) के ₹13.9 लाख करोड़ की तुलना में यह लगभग 10% अधिक है
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Cess और Surcharge का हिस्सा FY2022 के 22% से घटकर FY2027 में 14% होने का अनुमान है, जिससे राज्यों के लिए टैक्स पूल अपेक्षाकृत बड़ा होगा
राज्यों के बीच टैक्स बंटवारा: GDP योगदान बना निर्णायक फैक्टर
हॉरिजॉन्टल डिवोल्यूशन में आयोग ने छह में से पांच पुराने मानदंड बनाए रखे, लेकिन एक बड़ा बदलाव किया:
16वें वित्त आयोग के मानदंड (वजन सहित)
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प्रति व्यक्ति GSDP दूरी: 42.5%
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जनसंख्या (2011): 17.5%
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क्षेत्रफल: 10% (पहले 15%)
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वन एवं पर्यावरण: 10%
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जनसांख्यिकीय प्रदर्शन: 10%
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GDP में योगदान (नया): 10%
👉 Tax & Fiscal Effort (2.5%) को पूरी तरह हटाया गया
👉 GDP में योगदान को टैक्स प्रयास और आर्थिक अनुशासन का proxy माना गया है
ICRA का कहना है कि यह बदलाव आर्थिक रूप से मजबूत और बेहतर फिस्कल मैनेजमेंट वाले राज्यों के पक्ष में गया है।
कौन जीता, कौन पिछड़ा: राज्यों की हिस्सेदारी में बड़ा फेरबदल
सबसे बड़े लाभार्थी राज्य
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कर्नाटक (सबसे बड़ा लाभ)
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केरल
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गुजरात
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हरियाणा
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पंजाब
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आंध्र प्रदेश
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महाराष्ट्र
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तमिलनाडु
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तेलंगाना
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असम, झारखंड, उत्तराखंड, मिजोरम
इन राज्यों की inter-se share FY2027–FY2031 में बढ़ेगी।
हिस्सेदारी घटने वाले राज्य
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मध्य प्रदेश
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उत्तर प्रदेश
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बिहार
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पश्चिम बंगाल
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राजस्थान
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ओडिशा
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छत्तीसगढ़
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कई पूर्वोत्तर राज्य
ICRA के अनुसार, Area criterion का वजन 15% से घटाकर 10% करना और न्यूनतम क्षेत्रीय फ्लोर को 2% से घटाकर 1.5% करना इन राज्यों के लिए नकारात्मक साबित हुआ।
अनुदान संरचना में बड़ा विस्तार, लेकिन शर्तों के साथ
कुल अनुदान: ₹9.5 लाख करोड़
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FY2027–FY2031 के लिए कुल ग्रांट ₹9.47 लाख करोड़
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FY2022–FY2026 के वास्तविक ट्रांसफर (₹8.0 लाख करोड़) से 18% अधिक
लोकल बॉडी ग्रांट: दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी
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कुल राशि: ₹7.9 लाख करोड़
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15वें वित्त आयोग की तुलना में 105% की वृद्धि
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संरचना:
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60% Conditional but Untied
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40% Sanitation, Solid Waste और Water Management से जुड़ा (Tied)
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सबसे ज्यादा ग्रांट पाने वाले राज्य:
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उत्तर प्रदेश
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महाराष्ट्र
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बिहार
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पश्चिम बंगाल
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मध्य प्रदेश
👉 कुल लोकल बॉडी ग्रांट का लगभग 75% सिर्फ 10 राज्यों को मिलेगा।
आपदा प्रबंधन: ज्यादा फंड, ज्यादा लचीलापन
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कुल आपदा प्रबंधन ग्रांट (Union share): ₹1.6 लाख करोड़
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15वें वित्त आयोग की तुलना में 27% अधिक
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बंटवारा:
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SDRF: 80%
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SDMF: 20%
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नई बात यह है कि SDRF के भीतर Relief और Reconstruction के बीच लचीलापन दिया गया है।
महाराष्ट्र को कुल वृद्धि का लगभग एक-तिहाई हिस्सा मिलेगा।
बड़ा फैसला: Revenue Deficit Grant पूरी तरह खत्म
16वें वित्त आयोग ने Revenue Deficit Grant (RDG) को समाप्त कर दिया है।
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15वें वित्त आयोग में:
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17 राज्यों को ₹2.9 लाख करोड़ RDG
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16वें वित्त आयोग में:
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शून्य RDG
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परिणाम:
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13 राज्यों को कुल ग्रांट कम मिलेगा
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आयोग का तर्क: RDG से संरचनात्मक फिस्कल सुधार नहीं हुआ
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ICRA भी इस निर्णय से सहमत है, हालांकि अल्पकालिक दबाव की आशंका जताई गई है
उधारी सीमा: 3% GSDP पर सख्ती
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राज्यों की Net Borrowing Limit = GSDP का 3%
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कोई अतिरिक्त उधारी छूट नहीं
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कोई carry-forward सुविधा नहीं
हालांकि राहत के रूप में:
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केंद्र सरकार 50 साल के ब्याज-मुक्त Capex Loan देगी
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FY2026: ₹1.4 लाख करोड़
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FY2027: ₹1.9 लाख करोड़
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👉 इससे राज्यों को वेलफेयर खर्च से हटकर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की ओर बढ़ना पड़ेगा।
Off-Budget Borrowing पर कठोर रुख
16वें वित्त आयोग की सिफारिशें:
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OBBs पूरी तरह बंद हों
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सभी देनदारियां बजट में दिखाई जाएं
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CAG द्वारा मानकीकृत रिपोर्टिंग
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DISCOM कर्ज, सब्सिडी और PSU घाटे को छिपाने की प्रथा खत्म हो
ICRA का समग्र आकलन
ICRA के अनुसार, 16वां वित्त आयोग:
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Fiscal discipline को प्राथमिकता देता है
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Strong-performing states को reward करता है
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Unconditional grants से दूरी बनाता है
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भारत के संघीय ढांचे को Capex-driven growth model की ओर मोड़ रहा है
हालांकि, कमजोर राजस्व आधार वाले राज्यों के लिए यह संक्रमण चुनौतीपूर्ण हो सकता है।




