Saudi Arabia Visa Rules: सऊदी ने UAE की कंपनियों पर कसी नकेल, वीज़ा मिलना हुआ मुश्किल
सऊदी अरब ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित कंपनियों के लिए अपने वीज़ा नियमों में सख्ती शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बड़ी कंपनियां अपना क्षेत्रीय हेडक्वार्टर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शिफ्ट करें। इस नए कदम से उन कर्मचारियों को वीज़ा मिलने में दिक्कत हो रही है जो यूएई में काम करते हैं लेकिन बिजनेस के सिलसिले में सऊदी अरब आते-जाते रहते हैं।
किन लोगों और कंपनियों पर पड़ रहा है असर?
जनवरी 2026 के आखिरी हफ्ते से कई मल्टीनेशनल बैंकों और कंसल्टेंसी फर्मों ने वीज़ा में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी है। यूएई से सऊदी जाने वाले कर्मचारियों के बिज़नेस वीज़ा या तो रिजेक्ट किए जा रहे हैं या उनमें काफी देरी हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर उन विदेशी नागरिकों पर पड़ा है जो काम के लिए दोनों देशों के बीच यात्रा करते हैं।
- भारत, पाकिस्तान, मिस्र और जॉर्डन के नागरिकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
- ये लोग अक्सर 6 महीने के कमर्शियल वीज़ा का इस्तेमाल करते थे।
- जीसीसी (GCC) के नागरिकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
सऊदी सरकार का क्या है मकसद?
यह कार्रवाई सऊदी अरब के ‘क्षेत्रीय मुख्यालय कार्यक्रम’ से जुड़ी मानी जा रही है। इसके तहत विदेशी कंपनियों को सऊदी सरकार से कॉन्ट्रैक्ट लेने के लिए अपना मुख्य ऑफिस रियाद में खोलना जरूरी है। हालांकि सऊदी अधिकारियों ने वीज़ा नियमों में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। जानकारों ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को काम के लिए टूरिस्ट वीज़ा पर न भेजें, क्योंकि पकड़े जाने पर जुर्माना लग सकता है या डिपोर्ट किया जा सकता है।




